भीमताल : नैनीताल-उधमसिंह नगर संसदीय क्षेत्र के सांसद व पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने लोकसभा में बागेश्वर जिले को रेल नेटवर्क से जोड़ने को लेकर केंद्र सरकार से सवाल पूछा। उन्होंने रेल मंत्री से पूछा कि क्या इस संबंध में कोई परियोजना बनाई गई है, उसकी अनुमानित लागत और समय सीमा क्या होगी तथा निकट भविष्य में क्या कोई कार्य योजना प्रस्तावित है?
रेल मंत्री ने जानकारी दी कि टनकपुर-बागेश्वर नई रेल लाइन (170 किलोमीटर) के लिए फील्ड सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है। रिपोर्ट के अनुसार परियोजना की अनुमानित लागत 48,692 करोड़ रुपये है। हालांकि परियोजना में यातायात संभावना कम है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि डीपीआर तैयार होने के बाद परियोजना की स्वीकृति हेतु राज्य सरकार, नीति आयोग और वित्त मंत्रालय सहित विभिन्न हितधारकों से परामर्श आवश्यक होगा। चूंकि यह प्रक्रिया सतत एवं गतिशील है, इसलिए फिलहाल कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं की जा सकती। रेल मंत्री ने बताया कि हाल के वर्षों में उत्तराखंड के रेलवे बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2009 से 2014 तक औसतन 187 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष व्यय किया जाता था, जबकि वर्ष 2025-26 में यह 25 गुना बढ़कर 4661 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वर्तमान में राज्य में तीन स्वीकृत रेलवे परियोजनाएं चल रही हैं, जिनकी कुल लंबाई 216 किलोमीटर है। इनमें से मार्च 2025 तक 16 किलोमीटर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है और अब तक 19,898 करोड़ रुपये व्यय हो चुके हैं।
इसके अलावा राज्य के 11 स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2014 से 2025 के बीच उत्तराखंड में रेलवे लाइन के ऊपर व नीचे 106 आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) व आरयूबी (रेलवे अंडर ब्रिज) बनाए जा चुके हैं। साथ ही मार्च 2025 तक 158 करोड़ रुपये की लागत से 9 नए आरओबी/आरयूबी की स्वीकृति दी गई है।

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