फ्लेक्स और स्वागत के शोर में दबे जनमुद्दे, अब काम से जवाब दे सरकार: मनोज शर्मा

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भीमताल । विधानसभा क्षेत्र भीमताल से वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “ताम-झाम और जाम” के बीच “पहाड़ से लेकर भाबर तक” लगे फ्लेक्स और स्वागत के शोर में असली जनमुद्दे दब गए हैं, जबकि जनसमस्याएं लगातार विकराल रूप ले रही हैं।
शर्मा ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि नवनियुक्त मंत्रियों के पास अब शोर-शराबे का समय नहीं है, बल्कि उनके छोटे कार्यकाल में काम दिखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि रानीबाग से ऊपर पूरी भीमताल विधानसभा में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है, लेकिन भाजपा विकास की बात करने से बच रही है और केवल दिखावे की राजनीति हो रही है।
उन्होंने कहा कि विधायक राम सिंह कैड़ा को अब अपने वादों को पूरा करने का अवसर मिला है, लेकिन यदि इसके बावजूद भी काम नहीं हुआ तो यह गंभीर विषय होगा। मनोज शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि यह सारा शोर-शराबा विकास से ध्यान भटकाने का प्रयास है।
उन्होंने क्षेत्र की सड़कों, लिंक मार्गों और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों से सड़कें बदहाल हैं, स्वास्थ्य सेवाएं दम तोड़ चुकी हैं और शिक्षा व्यवस्था भी कमजोर स्थिति में है। जल जीवन मिशन में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की और इसे प्रदेश के सबसे बड़े घोटालों में से एक बताया।
शर्मा ने कहा कि जो लोग मंत्रियों के स्वागत में जुटे हैं, वे पहले अपने क्षेत्र की समस्याओं का ज्ञापन तैयार करें, क्योंकि जनता अब काम का ब्लूप्रिंट देखना चाहती है। उन्होंने कहा कि जुमलेबाजी अपनी सीमा पार कर चुकी है और अब वास्तविक काम की आवश्यकता है।
उन्होंने अपनी व्यक्तिगत पीड़ा साझा करते हुए कहा कि “मैं कैसे बधाई दूं, जब मेरे घर तक जाने वाले रास्ते ही मौत की खाई में तब्दील हो चुके हैं।” साथ ही उन्होंने क्षेत्र में बाघ के बढ़ते आतंक, अवैध शराब की बढ़ती पहुंच और कानून व्यवस्था पर भी चिंता जताई।
युवाओं के रोजगार पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि स्पष्ट नीति के अभाव में युवा महानगरों में शोषण का शिकार हो रहे हैं। खेती-किसानी बेमौसम बारिश, तूफान और जंगली जानवरों से प्रभावित है, जबकि बीमा कंपनियों द्वारा किसानों का शोषण भी जारी है।
अंत में मनोज शर्मा ने कहा कि गांवों में हालात आदिकाल जैसे हो गए हैं और सरकारी सिस्टम पूरी तरह से कमजोर पड़ चुका है। उन्होंने कहा कि जनता विकास चाहती है और युवा रोजगार, लेकिन सरकार केवल आश्वासनों तक सीमित है। उन्होंने नव नियुक्त मंत्रियों से अपील की कि अब वास्तव में काम दिखना चाहिए, अन्यथा जनता जवाब देने के लिए तैयार है।




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