कैंचीधाम जाम से राहत की तैयारी, मुख्य सचिव ने भवाली-रातिघाट बाईपास कार्यों का किया निरीक्षण

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भीमताल, 17 मार्च। जिले के भ्रमण पर पहुंचे मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को कैंचीधाम क्षेत्र में लगने वाले जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए बन रहे भवाली-रातिघाट बाईपास, भवाली बाईपास और मंदिर परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले बाईपास मार्ग पर यातायात सुचारू कराया जाए ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जाम से राहत मिल सके।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने कैंचीधाम बाईपास (सेनिटोरियम-रातिघाट) मार्ग के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को निर्देश दिए कि भवाली-रातिघाट बाईपास के शेष कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए और जून माह से पहले इस मार्ग को यातायात के लिए चालू किया जाए। साथ ही कहा कि स्थायी मोटर पुल बनने तक इस सीजन में वैली ब्रिज स्थापित कर यातायात संचालन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध कैंचीधाम मंदिर में देश-विदेश से श्रद्धालु लगातार पहुंच रहे हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर यातायात व्यवस्था और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस बाईपास के निर्माण से कैंचीधाम क्षेत्र में लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और पहाड़ी जिलों की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा।
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता पीएस बृजवाल ने बताया कि भवाली सेनिटोरियम से रातिघाट तक 18.15 किलोमीटर लंबे बाईपास में से आठ किलोमीटर मार्ग का निर्माण पूरा कर लिया गया है, जिस पर यातायात सुचारू है। इस कार्य के लिए विभाग को 12 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई थी। शेष 10.15 किलोमीटर मार्ग में पहाड़ कटिंग के लिए शासन से 5.06 करोड़ रुपये मिले थे, जिसमें कटिंग कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में 9.81 करोड़ रुपये की लागत से कलमठ, सुरक्षा दीवार और अन्य सुरक्षात्मक कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि इस बाईपास को रातिघाट स्थित भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए 74.15 मीटर स्पान का मोटर पुल बनाया जा रहा है, जिसके लिए 9.63 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई है और निर्माण कार्य प्रगति पर है।
मुख्य सचिव ने सेनिटोरियम से भवाली-अल्मोड़ा मार्ग तक बने भवाली बाईपास और शिप्रा नदी पर बने 30 मीटर स्पान डबल लेन मोटर पुल का भी निरीक्षण किया। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से बना यह मार्ग अब यातायात के लिए खुल चुका है। उन्होंने कहा कि इस बाईपास के बनने से भवाली बाजार में लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और पर्यटन सीजन में पर्यटकों को आवागमन में सुविधा होगी।
कैंचीधाम मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण करते हुए मुख्य सचिव ने मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत 40.81 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे बहुमंजिला कार पार्किंग, मेडिटेशन सेंटर, पाथवे और पैदल सेतु निर्माण कार्यों की प्रगति जानी। इसके अलावा पर्यटन विभाग की स्वदेश दर्शन योजना के तहत लगभग 17.59 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे फैसिलिटेशन सेंटर सहित अन्य कार्यों का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने निर्देश दिए कि मंदिर क्षेत्र में पार्किंग व्यवस्था सुचारू हो और वाहनों के प्रवेश व निकासी के लिए अलग-अलग गेट बनाए जाएं। इस संबंध में जिलाधिकारी को पुलिस और संबंधित विभागों के साथ बैठक कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
भ्रमण के दौरान मुख्य सचिव ने कैंचीधाम पहुंचकर बाबा नीम करौली के दर्शन भी किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
इसके बाद उन्होंने नैनीताल की लोअर मालरोड में झील की ओर से हो रहे भू-धंसाव को रोकने के लिए किए जा रहे सुरक्षात्मक कार्यों का भी निरीक्षण किया। लगभग 3.48 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे इन कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
इस मौके पर आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे, मुख्य अभियंता सिंचाई संजय कुमार शुक्ला, अधीक्षण अभियंता मनोहर सिंह धर्मशक्तू, उपजिलाधिकारी नवाजिश खलीक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।




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