कोरोना और तबादलों की भेंट चढ़ गया डीएम का वादा, अब वन भूमि हस्तांतरण अटका
भीमताल : नैनीताल जिले के धारी ब्लॉक का अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्र दूनी और बिरसिग्यां गांव पिछले 20 वर्षों से सड़क निर्माण की राह देख रहे हैं। आज भी ग्रामीणों को 5-5 किलोमीटर पैदल चलकर बाजार, स्कूल और अस्पताल तक पहुँचना पड़ता है।उन्होंने बताया कि साल 2020 में तत्कालीन डीएम सबीन बंसल स्वयं पैदल 5 किलोमीटर चलकर गाँव पहुँची थीं। वहाँ हुई बैठक में उन्होंने ग्रामीणों से एक वर्ष में सड़क निर्माण का वादा किया था। लेकिन कोरोना महामारी और डीएम के तबादले के कारण मामला ठंडे बस्ते में चला गया। पिछले वर्ष राज्य सरकार ने सड़क निर्माण के लिए वन भूमि हस्तांतरण की धनराशि दी थी। लेकिन विभाग ने अब सरकार से अतिरिक्त 6.88 करोड़ रुपये की मांग कर दी है। अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी भवाली ने इसकी मांग विभागाध्यक्ष, पीडब्ल्यूडी देहरादून को भेजी है। सामाजिक कार्यकर्ता रमेश टम्टा ने बताया कि सड़क न होने के कारण ग्रामीण अपनी आलू, फल और सब्जियां बाजार तक नहीं पहुँचा पा रहे हैं। बीमार मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
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ग्रामीणों का कहना है कि—
“सरकार और विभागों की उदासीनता के कारण पुरानी पीढ़ी सड़क का सपना देखते-देखते ही परलोक सिधार गई। अब सवाल यह है कि आखिर कब सड़क बनेगी और कब सरकार गरीब जनता पर मेहरबान होगी?”

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