गैरसैंण। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में मानसून सत्र की शुरुआत हंगामे से हुई। पहले दिन विपक्षी विधायकों ने पंचायत चुनाव में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर नियम 310 के तहत चर्चा की मांग कर जमकर हंगामा किया। विपक्ष की नारेबाजी व शोरगुल के बीच प्रश्न काल नहीं चल पाया। विपक्षी विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी कर कार्यसूची फाड़ डाली और विधानसभा सचिव की मेज पलटकर माइक तोड़ दिया। चार बजे तक सदन की कार्यवाही आठ बार स्थगित हुई।
मानसून सत्र सुबह 11 बजे वंदेमातरम के साथ शुरू हुआ। नेता सदन पुष्कर सिंह धामी सदन में मौजूद थे। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य व कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने नियम-310 के तहत पंचायत चुनाव में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर चर्चा की मांग की। संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा, नैनीताल जिला पंचायत चुनाव का मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के चलते सदन में चर्चा नहीं की जा सकती है।
कांग्रेस विधायक वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने विपक्षी विधायकों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया। विपक्ष की नारेबाजी व शोरगुल से विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 11.20 बजे तक के लिए स्थगित कर दी लेकिन कांग्रेस के विधायक वेल में बैठ गए। इसके बाद 10-10 मिनट के लिए चार बार सदन की कार्यवाही स्थगित की गई। विपक्ष के हंगामे से प्रश्न काल नहीं हो पाया। 12.20 बजे फिर से सदन की कार्यवाही शुरू हुई। पूर्व विधायक मुन्नी देवी शाह के निधन पर शोक प्रस्ताव के दौरान विपक्ष शांत रहा। पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने श्रद्धांजलि दी। इसके बाद विस अध्यक्ष ने तीन बजे तक सदन को स्थगित कर दिया।
भोजनावकाश के बाद शुरू हुई सदन की कार्यवाही में विपक्ष ने नारेबाजी जारी रखी और विधानसभा सचिव की मेज पलट दी। शोरगुल के बीच ही सरकार ने नौ विधेयक पटल पर रखे। 3.20 बजे विस अध्यक्ष ने चार बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। मंगलवार को पहले दिन हंगामे के चलते एक घंटा तीस मिनट सदन की कार्यवाही बाधित रही। पूरे दिन 01.45 घंटे ही सदन चल पाया।

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