राज्य कर्मचारियों की एक और मांग पूरी

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देहरादून। 30 जून/31दिसम्बर को सेवानिवृत्त होने वाले उत्तराखण्ड सरकार के कार्मिकों को सेवानिवृत्ति तिथि (30 जून/31 दिसम्बर) के ठीक अगले दिन अर्थात 01 जुलाई/01 जनवरी को वेतनवृद्धि नियत होने पर ऐसे कार्मिकों की पेंशन की गणना हेतु एक नोशनल वेतनवृद्धि अनुमन्य किए जाने का आज शासनादेश जारी किए जाने पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखण्ड ने प्रदेश सरकार एवं उत्तराखण्ड शासन का आभार व्यक्त किया है ।

परिषद के प्रदेश प्रवक्ता आर पी जोशी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद निरंतर लंबे समय से उक्त की मांग अपने मांग पत्र के बिन्दु संख्या 17 में करता आ रहा था, जिस पर सितम्बर 2024 को अपर मुख्य सचिव उत्तराखण्ड शासन आनन्दवर्धन से राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की हुई बैठक में सहमति बन गई थी एवं तदुपरान्त पिछले दिनों राज्य कैबिनेट बैठक में कैबिनेट की मंजूरी भी मिल गई थी । जोशी के बताया कि शासनादेश के अनुसार इसका लाभ अप्रैल 2023 के उपरांत सेवानिवृत्त हो चुके एवं सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को मिलेगा ।

परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पाण्डे एवं प्रान्तीय महामंत्री शक्ति प्रसाद भट्ट ने कहा है, कि उत्तर प्रदेश में यह लाभ वर्ष 2006 से दिए जाने का शासनादेश जारी किया गया है, एवं परिषद भी उत्तराखण्ड में यही मांग करता आ रहा है । किन्तु शासनादेश में अप्रैल 2023 के उपरांत यह लाभ दिए जाने का उल्लेख किए जाने के उपरांत राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, सरकार एवं शासन से उक्त लाभ वर्ष 2006 से दिए जाने की मांग करता है एवं इस हेतु आगे भी प्रयास जारी रहेगा ।

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