कम प्रगति वाले विभागों से स्पष्टीकरण, 15 दिन में सुधार के आदेश
भीमताल । जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में विकास कार्यों हेतु आवंटित धनराशि को सभी विभाग आगामी फरवरी माह तक शत-प्रतिशत व्यय करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि भौतिक प्रगति के साथ-साथ वित्तीय प्रगति भी अनिवार्य है, इसके लिए अधिकारी व्यक्तिगत रुचि लेते हुए समयबद्ध रूप से कार्य संपादित करें।
शुक्रवार को विकास भवन सभागार भीमताल में जिला, राज्य, केंद्र पोषित एवं बाह्य सहायतित योजनाओं तथा 20 सूत्री कार्यक्रम की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित के मामलों में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारी स्वयं निर्णय लेते हुए पात्र व्यक्तियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाएं। समीक्षा के दौरान जिन विभागों द्वारा अब तक कम धनराशि व्यय की गई है और प्रगति धीमी है, उनके अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेते हुए 15 दिन के भीतर बेहतर प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। जिला योजना अंतर्गत उद्योग विभाग, लोक निर्माण विभाग, लघु सिंचाई, समाज कल्याण एवं चिकित्सा विभाग द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष कम व्यय पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और अगले सप्ताह तक प्रगति सुनिश्चित करने को कहा।
राज्य योजना अंतर्गत विधायक निधि में कम धनराशि व्यय होने पर जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि जनपद के सभी विधायकों से शीघ्र प्रस्ताव प्राप्त करने हेतु अर्धशासकीय पत्र भेजे जाएं और व्यक्तिगत संपर्क कर प्रस्ताव मंगाए जाएं।
इसके साथ ही जल संस्थान, समाज कल्याण (अनुसूचित जाति कल्याण), पर्यटन, प्राथमिक शिक्षा एवं जिला पंचायत की धीमी प्रगति पर भी संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने 20 सूत्री कार्यक्रम की मदवार समीक्षा करते हुए बताया कि 42 मदों में से 26 A श्रेणी, 12 B श्रेणी तथा 4 D श्रेणी में हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि B और D श्रेणी वाले विभाग ठोस कदम उठाकर A श्रेणी में आएं।
D श्रेणी में शामिल जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना एवं बायोगैस संयंत्र से संबंधित विभागों पर नाराजगी जताते हुए प्रत्येक दशा में A श्रेणी प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्य प्रारंभ होने से पूर्व और पूर्ण होने के बाद जीपीएस युक्त फोटोग्राफ अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं। सभी निर्माण कार्यों का थर्ड पार्टी सत्यापन कराया जाए। कार्य पूर्ण होने पर कार्यस्थल पर योजना का नाम, कुल लागत एवं संबंधित विभाग का विवरण अंकित शिलापट अवश्य लगाया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी, लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मुकेश नेगी ने अवगत कराया कि जिला योजना अंतर्गत शासन से प्राप्त 7020.50 लाख रुपये के सापेक्ष अब तक 4744.35 लाख रुपये (68 प्रतिशत) व्यय किए जा चुके हैं।
राज्य योजना में 72 प्रतिशत, केंद्र पोषित योजनाओं में 93 प्रतिशत तथा बाह्य सहायतित योजनाओं में शत-प्रतिशत धनराशि व्यय हो चुकी है।
बैठक में जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी, एपीडी चंदा फर्त्याल, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मुकेश नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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