नैनीताल–हल्द्वानी वन प्रभागों में वनाग्नि नियंत्रण को लेकर मॉक ड्रिल, विभिन्न विभागों ने दिखाई तत्परता

Estimated read time 1 min read





भीमताल। वनाग्नि की रोकथाम तथा आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नैनीताल एवं हल्द्वानी वन प्रभागों में व्यापक स्तर पर वनाग्नि मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल के माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता और रिस्पांस टाइम का परीक्षण किया गया।
नैनीताल में मॉक ड्रिल पाइन्स आईटीआई परिसर में आयोजित की गई। इसका संचालन प्रभागीय वनाधिकारी आकाश गंगवार एवं उप प्रभागीय वनाधिकारी ममता चंद के निर्देशन में किया गया। काल्पनिक परिदृश्य के तहत सूचना प्राप्त हुई कि नैना रेंज बीट के कक्ष संख्या 3 एवं 4 में किसी व्यक्ति की लापरवाही से वनाग्नि फैल गई है। सूचना मिलते ही गठित टास्क फोर्स टीमें न्यूनतम रिस्पांस टाइम में मौके पर पहुंचीं और फायर लाइन व कंट्रोल फायर के माध्यम से आग पर नियंत्रण पाया।
मॉक ड्रिल के दौरान घायल व्यक्तियों को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्राथमिक उपचार देकर आगे के उपचार हेतु बी.डी. पांडे चिकित्सालय रेफर किया। इस दौरान वन विभाग के संचार केंद्र के साथ पुलिस संचार केंद्र भी सक्रिय रहा।
अभ्यास में स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग, पेयजल निगम, बाल विकास विभाग, पशुपालन विभाग, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड, उत्तराखंड रिजर्व पुलिस बल, कुमाऊं विश्वविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स, राजकीय औद्योगिक संस्थान तथा वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी विवेक राय, एसपी क्राइम जगदीश चंद्र, एनडीआरएफ से लक्ष्मण थपियाल सहित विभिन्न टास्क फोर्स लीडर उपस्थित रहे।
इसी क्रम में हल्द्वानी वन प्रभाग में प्रभागीय वनाधिकारी कुंदन कुमार के निर्देशन में छकाता रेंज अंतर्गत हनुमानगढ़ी क्रू स्टेशन के समीप वनाग्नि मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मॉक ड्रिल में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, एसडीआरएफ, राजस्व विभाग, सीआरपीएफ, गैर-सरकारी संगठन, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, ग्रामवासी, युवा मंगल दल एवं महिला मंगल दल के सदस्यों ने सहभागिता की। मॉक ड्रिल के दौरान सभी अग्निशमन उपकरणों, सुरक्षा संसाधनों एवं वायरलेस संचार प्रणाली का परीक्षण किया गया। मास्टर कंट्रोल रूम से समन्वय स्थापित कर फील्ड कर्मचारियों को उनके दायित्वों के संबंध में ब्रीफ किया गया। वन विभाग मुख्यालय देहरादून द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से फायर पॉइंट्स के जीपीएस निर्देशांक साझा किए गए, जिसके आधार पर त्वरित कार्रवाई की गई।
काल्पनिक स्थिति में फायर वॉचर के घायल होने की सूचना पर एसडीआरएफ एवं चिकित्सा दल को तत्काल तैनात कर घायल को सुरक्षित निकालते हुए एम्बुलेंस के माध्यम से निकटतम अस्पताल भेजा गया। आग के फैलाव की सूचना पर अग्निशमन विभाग को बुलाकर स्थानीय ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों के सहयोग से कम समय में आग पर नियंत्रण पाया गया। अंत में सभी टीमों के साथ डिब्रीफिंग बैठक आयोजित कर कमियों एवं सुधार बिंदुओं की समीक्षा की गई।
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा वनाग्नि जैसी आपात स्थितियों में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा।




You May Also Like

+ There are no comments

Add yours