महक क्रांति नीति से किसानों की आय में होगा इजाफा, रोजगार के खुलेंगे नए रास्ते: डॉ. हरीश सिंह बिष्ट

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भीमताल। उत्तराखंड सरकार द्वारा लागू की गई महक क्रांति नीति 2026–36 से राज्य के कृषि एवं बागवानी से जुड़े किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यह बात भीमताल ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट ने कही।
उत्तराखंड महक क्रांति नीति 2026–36 का लोकार्पण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सगंध पौधा केंद्र (कैप) सेलाकुई, देहरादून में किया गया। इस कार्यक्रम का सीधा वर्चुअल प्रसारण भीमताल विकास भवन सभागार में किया गया, जहां बड़ी संख्या में किसान एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट ने की।
इस अवसर पर सगंध पौधा केंद्र के निदेशक नृपेन्द्र चौहान ने महक क्रांति नीति की रूपरेखा, उद्देश्य और इससे मिलने वाले लाभों की जानकारी दी। ब्लॉक प्रमुख डॉ. बिष्ट ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि और बागवानी की अपार संभावनाएं हैं। सगंध पौधों की खेती के माध्यम से किसान अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में औषधीय एवं सगंध पौधों की पर्याप्त उपलब्धता है, जिनका व्यावसायिक उपयोग कर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत की जा सकती है।
डॉ. बिष्ट ने किसानों से उत्पादन के साथ-साथ विपणन पर भी विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भीमताल क्षेत्र के अधिकांश गांव कृषि और बागवानी पर निर्भर हैं। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से पलायन पर काफी हद तक रोक लगी है और रिवर्स पलायन को भी बढ़ावा मिला है।
सगंध पौधा केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. ललित अग्रवाल ने किसानों को सगंध खेती की तकनीक, लाभ और संभावनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सगंध खेती जंगली जानवरों से अपेक्षाकृत सुरक्षित है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में खेती को नया विकल्प मिल रहा है। कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी ने महक क्रांति नीति के तहत नैनीताल जिले में दालचीनी (सिनामन) की खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया। खंड विकास अधिकारी हर्षित गर्ग ने विकासखंड भीमताल में कैप के माध्यम से संचालित योजनाओं की जानकारी दी। भाजपा मंडल अध्यक्ष कमल जोशी ने किसानों और विभागीय अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ सरकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में कृषि अधिकारी ऋतु टम्टा, मुख्य उद्यान अधिकारी प्रेमा राणा, ग्राम प्रधान संगठन अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गंगोला सहित भीमताल और ओखलकांडा क्षेत्र के बड़ी संख्या में सगंध कृषक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में वैज्ञानिक डॉ. ललित अग्रवाल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।




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