ओखलकांडा में तेंदुए का आतंक बरकरार, दुधारू भैंस को बनाया निवाला

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ग्रामीणों में दहशत, सुरक्षा उपायों की मांग तेज

भीमताल । विकासखंड ओखलकांडा में तेंदुए के आतंक से ग्रामीणों को राहत नहीं मिल पा रही है। ताजा मामला ग्राम सभा सुनकोट के काफली गांव का है, जहां तेंदुए ने ग्रामीण केशव दत्त की दुधारू भैंस को अपना निवाला बना लिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों का कहना है कि उक्त बाघ लगातार ग्राम सभा कैड़ा गांव, कूकना और धैना क्षेत्र में देखा जा रहा है, जिससे लोगों में भय व्याप्त है। खेतों और जंगलों के आसपास तेंदुए की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि वन विभाग के अधिकारियों को कई बार इस संबंध में अवगत कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि चार वर्ष पूर्व ग्राम सभा कूकना और धैना में तेंदुए के हमले में दो महिलाओं की जान चली गई थी। उस समय भी जंगल से लगे क्षेत्रों में सोलर लाइट लगाने और तेंदुए को पकड़ने की मांग की गई थी, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक न तो जंगल से सटे इलाकों में सोलर लाइट लगाई गई है और न ही सायरन अथवा अन्य चेतावनी उपकरण लगाए गए हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। क्षेत्र पंचायत सदस्य कविता नौलिया ने वन विभाग देवीधुरा, रेंजर भिंगराड़ा और डीएफओ चंपावत से क्षेत्र के चारों ओर झाड़ी कटान कराने तथा जंगल से लगे क्षेत्रों में सोलर लाइट लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।




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