भीमताल। माननीय उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशों एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जिला न्यायाधीश प्रशांत जोशी के निर्देशन में सिविल जज (सीडी)/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल पारुल थपलियाल द्वारा राज्य अतिथि गृह, नैनीताल में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर बाल विकास परियोजना भीमताल, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, नैनीताल द्वारा आयोजित किशोरियों के साथ शक्ति संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत संपन्न हुआ।
शिविर के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकलापों की जानकारी देते हुए किशोरियों को निशुल्क विधिक सहायता एवं उसकी पात्रता के संबंध में अवगत कराया गया। साथ ही घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 के अंतर्गत महिलाओं को मिलने वाले कानूनी संरक्षण, घरेलू हिंसा के स्वरूप तथा न्यायालय द्वारा प्रदान की जाने वाली सहायता के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त पॉक्सो अधिनियम के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि यह अधिनियम बच्चों—लड़कों एवं लड़कियों—दोनों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है, जिसमें दोषी पाए जाने पर कठोर दंड का प्रावधान है। साथ ही कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित पॉश अधिनियम के प्रति भी किशोरियों को जागरूक किया गया।
शिविर में बाल विकास परियोजना अधिकारी डॉ. रेनू मर्तोलिया, पुलिस विभाग के अधिकारी, डॉ. पल्लवी, डॉ. लता सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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