लोकसभा चुनाव बहिष्कार की फिर चेतावनी
भीमताल : विकासखंड ओखलकांडा की ग्राम पंचायत कूकना व आसपास के गांवों में प्राथमिक उपचार केन्द्र की मांग को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश गहराता जा रहा है। बीते दो दशकों से स्वास्थ्य सुविधा के लिए लगातार विभाग और शासन-प्रशासन से गुहार लगाई जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कूकना, कौड़ा गांव, धैना, नौलिया समेत चार ग्राम सभाओं में स्वास्थ्य सेवाओं का घोर अभाव है। पहले भी इस गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्रवासियों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया था। उस दौरान चार बूथों पर ग्रामीणों ने मतदान से दूरी बनाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया था। इस विरोध के बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की थी, जिसमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्राम पंचायत कूकना के केंद्र बिंदु में किराए के भवन पर फार्मासिस्ट की तैनाती का आश्वासन दिया गया था। अधिकारियों के समक्ष बाकायदा शपथ भी ली गई थी, लेकिन वर्षों बीतने के बाद भी विभागीय वादे धरातल पर नहीं उतर पाए हैं।
पूर्व ग्राम प्रधान मदन नौलिया ने एक बार फिर यह मांग उठाई है कि स्वास्थ्य विभाग अविलंब किराए के भवन में फार्मासिस्ट की नियुक्ति सुनिश्चित करे, अन्यथा क्षेत्रवासी आगामी लोकसभा चुनाव में पुनः बहिष्कार करने को बाध्य होंगे।

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