भीमताल। ग्राम पंचायत जंगलिया गांव के पंचायत घर में महिलाओं एवं पुरुषों ने पारंपरिक होली गायन के साथ ऐसा समां बांधा कि पूरा माहौल होलीमय हो गया। रंग, अबीर और लोकसुरों की गूंज के बीच खड़ी होली ने ग्रामीण संस्कृति की समृद्ध परंपरा का अहसास कराया।
पुरुषों ने खड़ी होली का गायन करते हुए नई पीढ़ी से अपनी संस्कृति को अपनाने और सामाजिक बुराइयों का त्याग करने की अपील की। कार्यक्रम में “सुदामा जी को देख कर राम हंसे”, “ब्रज मंडल देश देखो रसिया”, “अबीर उड़ता गुलाल उड़ता” और “सीता बन में अकेली कैसे रही” जैसे पारंपरिक होली गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे।
ग्राम प्रधान राधा कुल्याल ने कहा कि एक ओर जहां समाज तेजी से पाश्चात्य संस्कृति की ओर अग्रसर है, वहीं जंगलिया गांव के लोग अपनी लोक परंपराओं को सहेजने और आगे बढ़ाने का सतत प्रयास कर रहे हैं।
इस अवसर पर प्रेम सिंह कुल्याल, मोहन सिंह पड़ियार, पुरन सिंह पडियार, राहुल पडियार, टीका राम, प्रकाश चन्द्र, जगत सिंह कुल्याल, चंदन सिंह कुल्याल, राजेंद्र सिंह कुल्याल, त्रिलोक सिंह, दिनेश सिंह, कमल कुल्याल, नवीन कुल्याल सहित दर्जनों महिलाओं एवं ग्रामीणों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं देते हुए सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया।

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