संघर्ष से सफलता तक: महेंद्र बिष्ट बने आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मिसाल

Estimated read time 1 min read





भीमताल, 26 फरवरी । उत्तराखंड के नैनीताल जनपद अंतर्गत धारी विकासखंड के निवासी महेंद्र सिंह बिष्ट ने यह साबित कर दिखाया कि यदि सही समय पर सरकारी योजनाओं का सहयोग और कड़ी मेहनत का संकल्प साथ हो, तो सफलता अवश्य मिलती है।
वर्ष 2022 में महेंद्र बिष्ट ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की ग्राम भटेलिया शाखा से 3 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और मोबाइल रिपेयरिंग व्यवसाय को अपने आत्मनिर्भर भविष्य का आधार बनाया।
प्रारंभिक दौर में आर्थिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रहीं, लेकिन जिला उद्योग केंद्र हल्द्वानी के मार्गदर्शन और राज्य सरकार की सक्रिय पहल से उनका ऋण स्वीकृत हुआ। बैंक से वित्तीय सहयोग मिलने के बाद उन्होंने अपने क्षेत्र में मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान स्थापित की, जो धीरे-धीरे स्थानीय युवाओं के लिए भी प्रेरणा केंद्र बन गई।
उनका व्यवसाय सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। वे अपने उद्यम से दो अन्य लोगों को रोजगार प्रदान कर रहे हैं। वर्तमान में उनका वार्षिक टर्नओवर लगभग 4 लाख रुपये तक पहुंच चुका है और उन्हें प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपये तक की नियमित आय प्राप्त हो रही है। यह कहानी केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं, बल्कि राज्य सरकार की स्वरोजगारोन्मुख नीतियों की भी सजीव उदाहरण है। पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।महेंद्र बिष्ट आज अपने गांव और क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग और निरंतर परिश्रम किसी भी युवा को आत्मनिर्भर बना सकता है।
यही है आत्मनिर्भर उत्तराखंड की सशक्त तस्वीर—जहां सरकार की योजनाएं और युवाओं की मेहनत मिलकर सफलता की नई इबारत लिख रही हैं।




You May Also Like

+ There are no comments

Add yours