भीमताल । जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने शनिवार को कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में राजस्व कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिले की कानून व्यवस्था, विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों की स्थिति, अभियोजन एवं राजस्व कार्यों, भू-राजस्व वसूली, विविध देय, सामान्य देय, मुख्यमंत्री घोषणाएं, सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
जिलाधिकारी रयाल ने कहा कि न्यायिक एवं राजस्व कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाए। सभी उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देश दिए गए कि वे नियमित रूप से अपने-अपने न्यायालयों में बैठें और माह में दर्ज तथा पुराने लंबित राजस्व वादों का निस्तारण एक विशेष अभियान के तहत प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि तहसील कार्यालयों में आमजन से जुड़े कार्य समय पर निपटाए जाएं, विशेषकर भूमि संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए, ताकि किसी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से तहसील के चक्कर न काटने पड़ें। जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे राजस्व कार्यों एवं राजस्व वसूली की प्रगति की समीक्षा हेतु प्रत्येक 15 दिन में राजस्व उप निरीक्षकों एवं संग्रह अमीनों की बैठक अवश्य लें। साथ ही अवैध अतिक्रमण को तुरंत रोकने व ध्वस्त करने के साथ-साथ नशामुक्ति अभियान के तहत अपने-अपने परगना क्षेत्रों में अवैध शराब व नशीले पदार्थों के विनष्टीकरण की कार्यवाही भी कड़ाई से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पटवारी गांवों में जाकर चौपाल लगाएं तथा सार्वजनिक रूप से खतौनी पढ़कर निर्विवाद विरासतन मामलों के निस्तारण की कार्यवाही को लगातार जारी रखें, ताकि लोगों के भूमि से जुड़े निर्विवाद प्रकरणों का निस्तारण उनके दरवाजे पर ही हो सके।
सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारी प्रतिदिन कंप्यूटर पर सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों की जानकारी लें और प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता से फोन पर वार्ता कर समाधान की जानकारी भी दी जाए।
जिलाधिकारी ने राजस्व भू-अभिलेखों एवं शासकीय अभिलेखों का डिजिटाइजेशन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं अभियोजन कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने सम्मन तामीली और मजबूत साक्ष्यों की समय पर प्रस्तुति के निर्देश देते हुए मामलों की पैरवी को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
राजस्व वसूली की समीक्षा में जिलाधिकारी ने कहा कि बड़े बकायेदारों से समय पर वसूली हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं। इसके लिए सार्वजनिक स्थानों पर बकायेदारों के नाम के बोर्ड लगाए जाएं और वसूली हेतु डुगडुगी आदि पारंपरिक पद्धति का भी सहारा लिया जाए, ताकि बड़े बकायेदारों से समयबद्ध राजस्व वसूली हो सके।
आबकारी विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शराब की दुकानों के नज़दीक स्थित होटल-ढाबों में सार्वजनिक रूप से शराब सेवन एवं अवैध बिक्री की संभावना को देखते हुए लगातार निरीक्षण किया जाए। दुकानों के बाहर भीड़ व पार्किंग समस्या के कारण लगने वाले जाम की स्थिति पर भी कड़े कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि जनपद में कहीं भी अवैध शराब की बिक्री न हो, इसके लिए संयुक्त छापेमारी अभियान लगातार चलाया जाए। इस बैठक के दौरान जीएसटी विभाग की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सभी देयकों का भुगतान समय से किया जाए, ताकि उन्हें पेंशन एवं अन्य लाभ समय पर मिल सकें। इस संबंध में कोषागार को सभी प्रपत्र समय पर प्रेषित किए जाएं, लापरवाही की स्थिति को क्षम्य नहीं माना जाएगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी विवेक राय, शैलेंद्र सिंह नेगी, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान, उपजिलाधिकारी अंशुल भट्ट, प्रमोद कुमार, राहुल शाह, रेखा कोहली, नवाजिश खलीक, बी.सी. पंत, मोनिका सहित सभी तहसीलदार एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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