जिलाधिकारी ने विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में जताई कड़ी नाराजगी, दिसंबर तक लक्ष्यपूर्ति के सख्त निर्देश

भीमताल । जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने शनिवार को विकास भवन सभागार, भीमताल में जिले में संचालित विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक में जिला योजना, राज्य योजना, केंद्र पोषित तथा बाह्य सहायतित योजनाओं के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राप्त धनराशि से हो रहे कार्यों की विभागवार वित्तीय एवं भौतिक प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।
जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित बीस सूत्री कार्यक्रम की भी मदवार समीक्षा की। बीस सूत्री कार्यक्रम के 42 मदों में वर्तमान स्थिति का उल्लेख करते हुए बताया गया कि A श्रेणी में 22, B श्रेणी में 10, C श्रेणी में 5 तथा D श्रेणी में 5 विभाग हैं। इस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि B, C एवं D श्रेणी में आने वाले विभाग ठोस कार्ययोजना बनाकर स्वयं को A श्रेणी में लाने के लिए तेजी से कदम उठाएं।
बीस सूत्री कार्यक्रम के 5 मदों में D श्रेणी की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए कि किसी भी दशा में विभागों को A श्रेणी में लाया जाए।

पीएमजीएसवाई की धीमी प्रगति पर कड़ी फटकार

बैठक के दौरान 20 सूत्री कार्यक्रम में ग्रामीण कनेक्टिविटी मद में D श्रेणी की स्थिति, विशेष रूप से प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGYS) की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जिले के तीनों खंडों से आए अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए दिसंबर माह तक इस मद को A श्रेणी में लाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने पीएमजीएसवाई के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे सड़क निर्माण कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की और तीनों डिवीज़नों की धीमी प्रगति पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना ग्रामीण क्षेत्रों की “गेम चेंजर” योजना है, ऐसे में इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही कदापि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने निर्देश दिए कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजा जाए। साथ ही सभी अधिकारियों को अगली समीक्षा बैठक तक कार्यों में स्पष्ट एवं तेज प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि 20 सूत्री कार्यक्रम में जनपद की स्थिति A श्रेणी में बनी रहे।

जिलाधिकारी ने दोहराया कि सड़कों की गुणवत्ता पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा। समयबद्धता और पारदर्शिता को विभागीय कार्यप्रणाली की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि सूची प्रकाशन में C श्रेणी की स्थिति पर भी सुधार किया जाए। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि विभाग में सम्पन्न होने वाले सभी विकास कार्यों को सूचीबद्ध कर उनका प्रकाशन अवश्य करें तथा अगली समीक्षा बैठक में उसकी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इस संबंध में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को भी निर्देश दिए गए कि वे सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सूची प्रकाशन सुनिश्चित करें।

दिसंबर तक धनराशि व्यय का लक्ष्य, मार्च तक “खपत” की परंपरा खत्म करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को चेतावनी दी कि शासकीय कार्यों में देरी व लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। अधिकारियों को अपने दायित्वों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिला योजना के अंतर्गत वर्तमान वित्तीय वर्ष में प्राप्त धनराशि को दिसंबर माह तक व्यय करने का लक्ष्य रखा जाए। विभागों को मार्च माह में धनराशि “खपाने” की परंपरा समाप्त करने को कहा गया। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं तथा अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर कार्यों का निरीक्षण करें। धनराशि के पूर्ण सदुपयोग की जिम्मेदारी संबंधित विभागीय अधिकारी की होगी।जिलाधिकारी ने एससीपी (Scheduled Caste Plan) एवं टीएसपी (Tribal Sub Plan) के अंतर्गत संचालित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करते हुए शत प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान लोक निर्माण, सिंचाई, समाज कल्याण, नलकूप, लघु सिंचाई, माध्यमिक शिक्षा, खेल एवं उरेडा विभाग की धीमी प्रगति पर चिंता जताते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को इसी माह के अंतिम सप्ताह तक लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत धनराशि व्यय करने के सख्त निर्देश दिए।

योजनाओं की प्रगति का वित्तीय विवरण

बैठक में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने अवगत कराया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में जिला योजना अंतर्गत 7020.50 लाख (सत्तर करोड़ बीस लाख पचास हजार) की प्राप्त धनराशि के सापेक्ष अब तक 3871.04 लाख, अर्थात लगभग 55 प्रतिशत धनराशि व्यय की जा चुकी है।
इसी प्रकार राज्य योजना में 64 प्रतिशत, केंद्र पोषित योजनाओं में 93 प्रतिशत तथा बाह्य सहायतित योजनाओं में शत-प्रतिशत धनराशि व्यय हो चुकी है।

बैठक में एपीडी चंदा फर्त्याल, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मुकेश नेगी, मुख्य कोषाधिकारी कमलेश भंडारी सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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