भीमताल। राज्य स्तरीय भूकंप आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को सुदृढ़, प्रभावी और गुणवत्तापरक बनाने के उद्देश्य से शनिवार को जनपद नैनीताल में व्यापक भूकंप मॉक ड्रिल किया गया। पूर्वाह्न 9:59 बजे भूकंप आने की सूचना पर पूरे जिले में अलर्ट जारी किया गया। मॉक ड्रिल के अनुसार भूकंप की तीव्रता 6.3 रिक्टर स्केल दर्ज की गई, जिसका प्रभाव जनपद के सात प्रमुख स्थलों पर मान लिया गया।
इन स्थलों में बीडी पांडे हॉस्पिटल मल्लीताल नैनीताल, बल्यूटिया शॉपिंग कॉम्प्लेक्स नैनीताल रोड हल्द्वानी, सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल लालकुआं, राजकीय इंटर कॉलेज रामनगर, खैरना बाजार श्री कैंची धाम, नगर पालिका परिषद कार्यालय भवन मल्लीताल एवं मिनी स्टेडियम हल्द्वानी शामिल रहे।
बल्यूटिया शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में 18 घायल, सेंचुरी पेपर मिल में एक की “मॉक मृत्यु”
मॉक ड्रिल के दौरान सबसे अधिक प्रभाव बल्यूटिया शॉपिंग कॉम्प्लेक्स हल्द्वानी और सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल, लालकुआं में दर्शाया गया। बल्यूटिया कॉम्प्लेक्स में एक इमारत की छत क्षतिग्रस्त होकर गिरने की स्थिति बनाई गई, जहां से 18 घायलों का रेस्क्यू किया गया। इनमें 2 गंभीर घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से चिकित्सालय भेजा गया, जबकि 16 घायलों का प्राथमिक उपचार स्टेजिंग एरिया एमबीबीजी कॉलेज, हल्द्वानी में किया गया।
सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल, लालकुआं में भूकंप के कारण बॉयलर में दरारें आने और ज्वलनशील पदार्थ के रिसाव की स्थिति मानते हुए 12 लोगों के झुलसने की सूचना दर्ज की गई। इनमें 9 लोगों को मामूली, 2 को गंभीर रूप से घायल तथा 1 व्यक्ति की “मॉक मृत्यु” दर्शाई गई। गंभीर घायलों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से उपचार हेतु एम्स ऋषिकेश भेजा गया।
बीडी पांडे हॉस्पिटल, नगर पालिका कार्यालय, स्टेडियम व अन्य स्थानों पर भी अभ्यास
बीडी पांडे जिला अस्पताल नैनीताल में भूकंप की घटना से 5 व्यक्तियों के घायल होने की सूचना मानी गई, जिनमें से 3 घायल व 1 की हालत गंभीर बताई गई। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी रेफर किया गया, जबकि 2 घायलों का प्राथमिक उपचार स्टेजिंग एरिया में किया गया।
इसी प्रकार नगर पालिका परिषद कार्यालय भवन मल्लीताल, मिनी स्टेडियम हल्द्वानी, राजकीय इंटर कॉलेज रामनगर एवं खैरना बाजार श्री कैंची धाम क्षेत्र में भी मॉक ड्रिल के तहत राहत और बचाव कार्यों का पूर्वाभ्यास किया गया।
जिलाधिकारी कार्यालय में एनआईसी के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा पूरे जनपद में चल रहे आपदा प्रबंधन की स्थिति की विस्तृत ब्रीफिंग ली गई। मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, पुलिस, प्रशासन तथा आईटीबीपी के जवानों एवं अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
“कुमाऊं के द्वार” नैनीताल में हर समय सतर्क रहने की जरूरत : अपर जिलाधिकारी
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि नैनीताल जनपद पर्वतीय एवं मैदानी भू-भाग के साथ ही कुमाऊं का प्रवेश द्वार है, इसलिए यहां यातायात की समुचित व्यवस्था के साथ हर समय आपदा के लिए तैयार रहना आवश्यक है। इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय के साथ स्थानीय नागरिकों की भी सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल के दौरान जो कमियां और समस्याएं सामने आई हैं, उनके निवारण के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। ऑब्जर्वर द्वारा प्राप्त सुझावों व टिप्पणियों को मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुत किया गया है, ताकि भविष्य में वास्तविक आपदा की स्थिति में बेहतर, त्वरित और समन्वित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जा सकें।
मॉक ड्रिल के दौरान विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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