धराली आपदाः प्रभावितों की मदद के लिए ग्राउंड जीरो पर उतरे IG अरुण मोहन जोशी

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धराली। उत्तरकाशी में हाल ही में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के परिप्रेक्ष्य में आज पुलिस महानिरीक्षक, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) अरुण मोहन जोशी द्वारा गंगोत्री में पहुंचकर आपदा की परिस्थितियों का स्थल पर पहुंचकर प्रत्यक्ष मूल्यांकन किया गया।

इस दौरान उन्होंने धराली गाँव से रेस्क्यू कर गंगोत्री लाए गए आपदा प्रभावित स्थानीय निवासियों एवं तीर्थयात्रियों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, स्वास्थ्य स्थिति एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। उल्लेखनीय है कि धराली क्षेत्र में कई लोगों के आवास पूर्णतः ध्वस्त हो गए थे, जिन्हें आपदा के बाद एसडीआरएफ की टीमों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित गंगोत्री पहुंचाया गया था। साथ ही, ऐसे तीर्थयात्री जो यात्रा के दौरान अचानक आई आपदा के कारण गंगोत्री में फँस गए थे, वे भी राहत व सहयोग की प्रतीक्षा में थे।

पुलिस महानिरीक्षक द्वारा इन सभी प्रभावितों से प्रत्यक्ष वार्ता कर उन्हें आश्वस्त किया गया कि सभी फंसे हुए व्यक्तियों को चरणबद्ध एवं योजनाबद्ध ढंग से हेलीकॉप्टर (हेली) रेस्क्यू ऑपरेशन के माध्यम से सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया जाएगा। इस हेतु निम्न रणनीति बनाई गई:

नेलांग से रेस्क्यू:
जो व्यक्ति वृद्ध, बीमार, चलने में असमर्थ, महिलाएं या छोटे बच्चे हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नेलांग से हेलीकॉप्टर द्वारा रेस्क्यू किया जाएगा। चूंकि नेलांग क्षेत्र से सीमित संख्या में sorties संभव हैं, अतः ऐसे संवेदनशील व्यक्तियों की पहचान कर शीघ्र रेस्क्यू हेतु चिन्हित किया जा रहा है।

हर्षिल से रेस्क्यू:
जो यात्री या स्थानीय नागरिक शारीरिक रूप से सक्षम हैं, उन्हें हर्षिल से हेलीकॉप्टर द्वारा निकाला जाएगा, ताकि नेलांग मार्ग पर अधिक आवश्यकता वाले व्यक्तियों को राहत दी जा सके।

स्थानीय समन्वय:
स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं राहत एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि वे पात्र व्यक्तियों की शीघ्र पहचान कर सूचीबद्ध करें एवं रेस्क्यू कार्य में समन्वय बनाएं।

इसके अतिरिक्त, पुलिस महानिरीक्षक ने यह भी अवगत कराया कि गंगोत्री में भी आवश्यक बुनियादी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, परन्तु प्राथमिकता के आधार पर सभी प्रभावितों को आज ही ऐसे सुरक्षित स्थलों तक पहुंचाया जाएगा जहाँ उन्हें बेहतर आवास, भोजन, चिकित्सा एवं मनो-सामाजिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) आपदा राहत एवं बचाव कार्यों में निरन्तर तत्परता से जुटा हुआ है एवं राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन के समन्वय से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रभावित व्यक्तियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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