डॉ. तन्वी के आत्महत्या मामले में विस्तृत जांच जरुरी, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने SSP को लिखा पत्र

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  • दो महीने बाद डा. तन्वी पीजी कोर्स पूरा कर शुरू करने वाली थी एसआर शिप

देहरादून। एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर पीजी डॉक्टर तन्वी के आत्महत्या मामले की जांच की मांग की है। काॅलेज प्रबंधन का कहना है कि तभी सभी परतों से पर्दा उठेगा। परदे के पीछे भी कोई ऐसा हो सकता है जो डॉ. तन्वी की आत्महत्या की घटना पर गुमराह कर रहा हो।

काॅलेज प्रबंधन का कहना है कि आत्महत्या से पहले डॉ. तन्वी या उनके माता-पिता ने कभी कोई लिखित शिकायत पुलिस, प्रशासन, एसजीआरआर यूनिवर्सिटी वीसी ऑफिस, रजिस्ट्रार ऑफिस या प्रिंसिपल ऑफिस को नहीं की। डॉ. तन्वी का कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है।

काॅलेज प्रबंधन का कहना है कि नेत्र रोग विभाग की एचओडी डॉ. प्रियंका के रिश्ते भी सभी मेडिकल छात्र-छात्राओं के साथ मधुर हैं। इस बात की तस्दीक साथी छात्र-छात्राओं से की जा सकती है। अचानक एक ही दिन में ऐसा क्या हुआ जो डॉ. तन्वी को आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा। डॉ. तन्वी की लास्ट ड्यूटी जनरल ड्यूटी थी। सुबह करीब तीन बजे तन्वी को उनके माता पिता ब्रॉड डेड इमेरजेंसी में लेकर आए। इससे पहले की लोकेशन और सीसीटीवी फूटेज की जांच की भी आवश्यक है। काॅलेज प्रबंधन का कहना है कि डॉ. तन्वी की माता ने क्यों मेडिकल कॉलेज को तन्वी के घर नहीं पहुंचने की सूचना दी?, यह भी जांच का विषय है।

कॉलेज प्रबंधन ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को डॉ. तन्वी के मनोरोग उपचार के दस्तावेज और मेडिकल रिपोर्ट भी सौंपी है। काॅलेज प्रबंधन का कहना है कि डॉ. तन्वी लम्बे समय से मनोरोग का इलाज ले रही थीं। तन्वी की मानसिक बीमारी की बात को बात को उनके अभिभावक भली-भांति जानते थे इसलिए वह भी कॉलेज कैम्पस के पास ही कमरा लेकर रह रहे थे।

काॅलेज प्रबंधन का कहना है कि दो वर्ष पूर्व भी डा. तन्वी ने आत्महत्या का प्रयास किया था। तब डॉ. तन्वी को इलाज के लिए आईसीयू में भर्ती करना पड़ा था। इस घटना की एमएलसी भी पुलिस ने रिसीव की थी। तब से तन्वी के माता पिता घबराए हुए रहते थे। इसके बाद 31 दिसंबर 2025 की रात भी तन्वी ने आत्महत्या का प्रयास किया था। काॅलेज प्रबंधन का कहना है कि बार-बार तन्वी आत्महत्या की कोशिश क्यों करती थी, यह भी जांच का विषय है।

काॅलेज प्रबंधन का कहना है कि तन्वी मेडिकल पढ़ाई में अच्छी थी। दो महीने बाद तन्वी पीजी कोर्स पूरा करने के बाद एसआर शिप शुरू करने वाली थी। एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज तन्वी के खराब स्वास्थ्य के बावजूद उसकी पूरी मदद कर रहा था, फिर अचानक ऐसा क्या हुआ, ये संदेह पैदा करता है।

काॅलेज प्रबंधन का कहना है कि डॉ तन्वी के अभिभावक अब डॉ. प्रियंका को क्यों निशाना बना रहे? बिना किसी ठोस आधार या सबूत के डॉ. प्रियंका को क्यों नामजद किया? इसके पीछे का किरदार कौन है। इन सभी सवालों की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस जांच कर रही है ताकि निष्पक्षता से सही जानकारी सबके सामने आ सके।

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