भीमताल : कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में शनिवार को आयुक्त/सचिव, मा. मुख्यमंत्री दीपक रावत ने जनसुनवाई के दौरान आमजन की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई में भूमि विवाद, ब्याज पर धन लेने-देने, विद्युत लाइन स्थानांतरण, फर्जी नौकरी दिलाने, एलआईसी पॉलिसी में ग़लत जानकारी, और पारिवारिक संपत्ति विवाद जैसे विविध विषयों पर शिकायतें प्राप्त हुईं। आयुक्त ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान आयुक्त के संज्ञान में आया कि वाहन खरीद के बाद सत्यापन के लिए वाहन स्वामी के मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाता है, जिसे कुछ वाहन स्वामी साझा नहीं करते। ऐसे में डीलर अपने मोबाइल से ओटीपी डालकर वाहन का सत्यापन कर देते हैं, जिससे भविष्य में ई-चालान की सूचना डीलर को जाती है। आयुक्त ने इसे गंभीर मानते हुए आरटीओ और डीलर स्वामियों को तलब कर कड़ी हिदायत दी कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और इस तरह की पुनरावृत्ति न हो। आयुक्त ने जानकारी दी कि हल्द्वानी शहर में शीघ्र ही सिटी बस सेवा शुरू की जाएगी। सभी बसों के लिए अनुबंध पूर्ण हो चुका है और मुख्यमंत्री के हल्द्वानी भ्रमण के दौरान इसका शुभारंभ किया जाएगा।प्रमुख मामलों में खीमसिंह बोरा द्वारा 1997 में खरीदी गई भूमि की खतौनी में नाम दर्ज न होने की शिकायत पर एसडीएम को जांच कर कार्यवाही के निर्देश दिये गये।ट्रांसपोर्ट नगर में पिछली निरीक्षण में पाई गई कमियों पर कार्य प्रारंभ होने पर व्यापारियों ने आभार जताया हैं। हेमा बमेठा एलआईसी एजेंट द्वारा अधूरी जानकारी देने पर पेंशन योजना में नुकसान; आयुक्त ने एजेंटों को पारदर्शी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। अजय कुमार रेलवे में फर्जी नियुक्ति पत्र और 7 लाख की ठगी का मामला आयुक्त ने दोनों पक्षों को अगली जनसुनवाई में उपस्थित होने के निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि धन लेकर नौकरी पाना और देना दोनों ही अपराध की श्रेणी में हैं।
जनसुनवाई में धीरज सिंह नेगी (दुकान से अतिक्रमण हटाने), शकीला बेगम (पारिवारिक संपत्ति विवाद), बीना आर्या (मृतक आश्रित कोटे से नौकरी), तथा सुखविंदर कौर (भूमि विक्रय पर रोक हटाने) जैसी शिकायतें सामने आईं, जिनमें अधिकतर का समाधान मौके पर ही किया गया।

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