मुख्यमंत्री धामी ने नैनीताल जनपद की विकास योजनाओं की वर्चुअल समीक्षा की, लंबित कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश

भीमताल, 10 अप्रैल। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून से जनपद नैनीताल के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों—लालकुआं, नैनीताल, भीमताल, रामनगर और कालाढूंगी—में चल रही प्रमुख विकास योजनाओं एवं मुख्यमंत्री घोषणाओं की वर्चुअल माध्यम से विस्तृत समीक्षा की।
जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने नैनीताल स्थित सभागार कक्ष से बैठक में प्रतिभाग किया। समीक्षा के दौरान विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में घोषणाओं की प्रगति और लंबित कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।

लालकुआं क्षेत्र:
कुल 8 घोषणाओं में से 4 के शासनादेश जारी हो चुके हैं, जबकि 3 लंबित योजनाओं पर चर्चा की गई। इनमें गोला व नन्धौर नदी से बाढ़ सुरक्षा, हल्द्वानी-लालकुआं रेलवे क्रॉसिंग पर 49.47 करोड़ की लागत से सेतु निर्माण तथा वन्यजीवों से बचाव हेतु सौर ऊर्जा फेंसिंग प्रमुख रही।

भीमताल क्षेत्र:
8 घोषणाओं में से 4 पर शासनादेश जारी हो चुके हैं, जबकि शेष 4 पर चर्चा हुई। लेटीबुंगा शशबनी में खेल मैदान, भीमताल में मिनी स्टेडियम, ओखलकांडा व गलनी खनस्यू में मिनी स्टेडियम स्वीकृति तथा फ्लोरीकल्चर उत्पादन इकाई की स्थापना प्रमुख विषय रहे।

नैनीताल क्षेत्र:
10 में से 9 घोषणाओं पर शासनादेश जारी हो चुके हैं। शेष एक लंबित कार्य बेतालघाट क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर के पुनर्निर्माण (लागत 498.84 लाख रुपये) से संबंधित है।

कालाढूंगी क्षेत्र:
10 में से 6 घोषणाओं के शासनादेश जारी हुए हैं। शेष 4 में रकसिया नाले से जलभराव रोकने हेतु पुलिया निर्माण, कोटाबाग महाविद्यालय में कृषि विषय लागू करना, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण तथा नालियों के कवरिंग कार्य शामिल हैं।

रामनगर क्षेत्र:
कुल 11 घोषणाओं में से 6 पर शासनादेश जारी हो चुके हैं, जबकि 5 लंबित हैं। इनमें यातायात दबाव कम करने हेतु नहरों का कवरिंग, मिनी स्टेडियम कानिया का विस्तार, बहुमंजिला पार्किंग निर्माण, ढेला नदी पर 170 मीटर स्पान सेतु और रिंग रोड सुधार कार्य प्रमुख हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों को आपसी समन्वय के साथ शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने आपदा प्रबंधन के तहत नदी-नालों की समय पर सफाई तथा वनाग्नि से निपटने के लिए पूर्व तैयारियां सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे, अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी, सचिव प्राधिकरण विजय नाथ शुक्ल, अधीक्षण अभियंता मनोहर सिंह धर्मशक्तू, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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