बालिका सुरक्षा व सशक्तिकरण पर भवाली में कार्यशाला, मुख्य न्यायाधीश ने किया उद्घाटन

Estimated read time 0 min read





भीमताल । किशोर न्याय समिति, उच्च न्यायालय उत्तराखंड के तत्वावधान और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से सोमवार को “बालिका सुरक्षा: भारत में उसके लिए सुरक्षित और सशक्त वातावरण की ओर” विषय पर कार्यशाला का आयोजन उत्तराखंड न्यायिक एवं विधिक अकादमी (उजाला), भवाली में किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन माननीय मुख्य न्यायाधीश गुहानाथन नरेंदर ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर न्यायमूर्ति रवीन्द्र मैथानी, आलोक कुमार वर्मा, राकेश थपलियाल, आलोक माहरा एवं सुभाष उपाध्याय सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। मुख्य न्यायाधीश ने महान तमिल कवि सुब्रह्मण्यम भारती की पंक्तियाँ उद्धृत करते हुए बालिकाओं को निर्भीक व आत्मविश्वासी बनने का आह्वान किया। न्यायमूर्ति रवीन्द्र मैथानी ने कहा कि स्वतंत्रता के इतने वर्षों बाद भी बालिकाओं के खिलाफ हिंसा और बाल विवाह जैसी समस्याएँ चिंता का विषय हैं, जिनके समाधान के लिए सभी हितधारकों को गंभीरता से कार्य करना होगा। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने पीसीपीएनडीटी एक्ट, एमटीपी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की। वहीं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय ने बालिका हिंसा की रोकथाम में न्यायपालिका और कानून लागू करने वाली संस्थाओं की भूमिका को रेखांकित किया। न्यायमूर्ति आलोक माहरा ने संविधान के प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों की ओर प्रतिभागियों का ध्यान आकर्षित किया।
इस मौके पर उजाला द्वारा तैयार जनरल रूल्स (क्रिमिनल) और किशोर न्याय समिति द्वारा तैयार पॉक्सो एक्ट 2012 पर सूचना पत्र का विमोचन भी किया गया।
कार्यशाला के चार सत्रों में सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास चंद्रेश यादव, निदेशक एनएचएम डॉ. रश्मि पंत, पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा कुसुम कंडवाल, विषय विशेषज्ञ भारती अली, डॉ. संगीता गौड़, डॉ. मंजू ढौंडियाल, तथा सिविल सोसाइटी प्रतिनिधि अदिति कौर व कंचन चौधरी ने विचार रखे। कार्यक्रम में यूकेएसएलएसए के मेम्बर सेक्रेटरी, उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार, प्रदेश के सभी जिलों के जिला जज, पॉक्सो कोर्ट व त्वरित न्यायालयों के न्यायाधीश, बाल न्यायालय बोर्ड के पदाधिकारी और विभिन्न विभागों — महिला सशक्तिकरण, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण एवं पंचायती राज — के अधिकारी शामिल हुए।




You May Also Like

+ There are no comments

Add yours