आम्रपाली विश्वविद्यालय में ‘शेफ संवाद’ का आयोजन

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मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन संवाद कर उत्तराखण्डी व्यंजनों को वैश्विक पहचान दिलाने का किया आह्वान

भीमताल । उत्तराखण्ड के विख्यात आम्रपाली विश्वविद्यालय के होटल प्रबंधन विभाग की ओर से शनिवार 17 जनवरी 2026 को ‘शेफ संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऑनलाइन माध्यम से प्रदेश के प्रमुख शेफों और आम्रपाली विश्वविद्यालय में अध्ययनरत प्रशिक्षु शेफों से संवाद किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उत्तराखण्ड के श्रीअन्न एवं पारंपरिक भोजन को बढ़ावा देना और उन्हें वैश्विक पटल पर स्थापित करने को लेकर रणनीति पर मंथन करना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य समन्वयक डा. विनोद सिंह नेगी ने बताया कि ‘शेफ संवाद’ के लिए उत्तराखण्ड के प्रमुख होटलों से जुड़े नामचीन शेफ शामिल हुए। इनमें आनन्दा होटल ऋषिकेश के शेफ दिवाकर बलोदी, आईटीसी फॉर्च्यून होटल हल्द्वानी के शेफ कुंदन सिंह, रेडिसन होटल नैनीताल की शेफ शिवांगी पवार, गोल्डन टस्क होटल रामनगर के शेफ शांति प्रसाद, द चेमोलिन होटल भीमताल के शेफ किशोर नेगी, आईएचजी वोको रामनगर के शेफ संदीप जुयाल, सराका रिजॉर्ट रामनगर के शेफ सुबोध उपाध्याय, रेडिसन होटल रुद्रपुर के शेफ अनुराग श्रीवास्तव तथा बेकरी शेफ वर्मित विज शामिल रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रशिक्षु शेफ भी कार्यक्रम का हिस्सा बने।
परिचर्चा की शुरुआत समन्वयक डा. एस.के. सिंह ने उत्तराखण्ड की संस्कृति और पारंपरिक कुजीन की विस्तृत जानकारी देकर की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी व्यस्तता के कारण कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। परिचर्चा के दौरान व्यवसायिक शेफों ने उत्तराखण्डी पारंपरिक भोजन को होटल मेन्यू में शामिल करने, मक्का, मडुवा, झंगोरा, भट जैसे स्थानीय उत्पादों की उपलब्धता, जी-समिट जैसे बड़े आयोजनों में उत्तराखण्डी व्यंजनों की प्रस्तुति, स्थानीय उत्पादों की प्रोसेसिंग व निर्यात, पारंपरिक भोजन की शुद्धता के लिए मानक तय करने, फूड ट्रेल्स व बाजार विकसित करने तथा आतिथ्य उद्योग से जुड़े स्टार्टअप को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर प्रश्न रखे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शेफों को चाहिए कि वे अपने होटलों के मेन्यू में उत्तराखण्डी भोजन को प्रमुखता दें और स्थानीय उत्पादों व मसालों का अधिक से अधिक उपयोग करें। उन्होंने बताया कि कई बड़े शहरों में स्थित उत्तराखण्ड भवनों में स्थानीय उत्पादों की बिक्री काउंटरों के माध्यम से हो रही है और अनेक युवा उद्यमी इन उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिये भी उपलब्ध करा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि जी-20 सम्मेलन और राष्ट्रीय खेलों जैसे बड़े आयोजनों के दौरान उत्तराखण्डी व्यंजनों को परोसा गया, जिन्हें सराहना मिली। स्थानीय उत्पादों की प्रोसेसिंग और निर्यात को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत से ही संभव है। राज्य सरकार स्थानीय कारोबारियों को ऐसा अनुकूल वातावरण उपलब्ध करा रही है, जिससे वे किसानों के साथ मिलकर उत्पादों का निर्यात कर सकें। उन्होंने बताया कि आतिथ्य उद्योग और स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार आसान ऋण सुविधा, सब्सिडी, सिंगल विंडो क्लियरेंस और स्किल ट्रेनिंग जैसी योजनाएं चला रही है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खाद्य उत्पादों पर आधारित स्टार्टअप विकसित करें और उत्तराखण्डी रसोई से जुड़ी रेसिपियों को वैश्विक मंच पर प्रचारित करें। उन्होंने सुझाव दिया कि आम्रपाली विश्वविद्यालय इस दिशा में पहल करते हुए एक मजबूत कम्युनिटी बनाए और ऐसे सम्मेलन प्रतिवर्ष आयोजित करे, ताकि सरकार और उद्योग जगत के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके।
महिला शेफों द्वारा छात्रवृत्ति, फेलोशिप और पारंपरिक उत्तराखण्डी भोजन में करियर बनाने को लेकर सरकार के सहयोग संबंधी सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए पारंपरिक घरेलू स्वाद को सहेजना आवश्यक है। उन्होंने रेसिपी बुक तैयार करने की दिशा में भी कार्य करने की सलाह दी और विश्वास दिलाया कि पर्यटन विभाग के माध्यम से शेफ छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति और फेलोशिप जैसी योजनाओं पर कार्ययोजना बनाई जाएगी।
इस दौरान प्रशिक्षु शेफों ने भी मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए उनके पसंदीदा उत्तराखण्डी व्यंजनों और विश्वविद्यालय व आतिथ्य उद्योग के बीच मेंटरशिप और अप्रेंटिसशिप के अवसरों को लेकर प्रश्न किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें मां के हाथ का बना पारंपरिक उत्तराखण्डी भोजन अत्यंत प्रिय है और उनके अतिथियों को भी पारंपरिक थाली ही परोसी जाती है। उन्होंने कहा कि पहाड़ की प्राकृतिक दालें, सब्जियां और श्रीअन्न ऊर्जा व स्वास्थ्य का भंडार हैं, जिन्हें पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान होटल प्रबंधन विभाग आम्रपाली विश्वविद्यालय की कॉफी टेबल बुक ‘रूट्स ऑफ द रिज: ए जर्नी थ्रू कुजीन, कल्चर एंड ट्रेडिशन ऑफ उत्तराखण्ड’ का भी विमोचन किया गया। अंत में आम्रपाली विश्वविद्यालय के सीईओ डा. संजय ढींगरा ने मुख्यमंत्री और सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत, महापौर हल्द्वानी-काठगोदाम गजराज सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल सहित जिला प्रशासन के अधिकारी, विश्वविद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण और विद्यार्थी उपस्थित रहे।




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