रजपाल बिष्ट, गोपेश्वर
गैरसैण बजट सत्र निपटने के पश्चात अब चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार चारधाम यात्रा समेत जनहित के विभिन्न मसलों के निस्तारण को लेकर फुल एक्शन मोड में आ गए हैं।
दरअसल 9 से 14 मार्च तक भराड़ीसैंण में चले विधानसभा के बजट सत्र के संपादन में जिलाधिकारी गौरव कुमार समेत समूचा सरकारी अमला गैरसैंण के मोर्चे पर डटा रहा। सत्र की तैयारियों से लेकर सत्र के दौरान व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में सरकारी अमले ने रात-दिन एक किया। इस चुनौती से निपटने के पश्चात अब डीएम ने चारधाम यात्रा तैयारियों के साथ ही सवाड़ में केंद्रीय विद्यालय के संचालन और रसोई गैस के संकट से निपटने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।
आगामी 23 अप्रैल को बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने जा रहे हैं तो डीएम गौरव कुमार और एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने बदरीनाथ हाइवे के कमेडा से लेकर बदरीनाथ धाम तक सरकारी अमले के साथ बस से सफर कर सड़क की स्थिति का जायजा लिया। खास कर डेंजर जोन के ट्रीटमेंट पर बल देते हुए उन्होंने सुरक्षित और निरापद यात्रा के लिए कार्यदायी संस्था को जरूरी टिप्स दिए। उनका कहना था कि तीर्थयात्रा के दौरान स्लाइड जोन का अभी से बेहतर ट्रीटमेंट करना होगा। बदरीनाथ धाम में भी तैयारियों को लेकर उन्होंने मातहतों को जरूरी निर्देश दिए। अब भी उनका पूरा फोकस बदरीनाथ धाम की यात्रा तैयारियों को लेकर बना हुआ है।
ईरान और इजरायल के बीच चले युद्ध के कारण उपजे रसोई गैस तथा ईंधन के संकट को लेकर भी उन्होंने अभी से वैकल्पिक तौर पर चारधाम यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने पर बल दिया है। रसोई गैस के संकट से निजात दिलाने के लिए होटल लाॅजों में पत्थर के कोयले समेत अन्य वैकल्पिक उपायों को अपनाने की रणनीति पर मंथन किया है। अब जबकि रसोई गैस का संकट बना है तो उन्होंने समूचे जनपद में उपभोक्ताओं को संकट से निजात दिलाने के लिए रोस्टर प्रणाली लागू करने का ऐलान किया है। यह संकट मौजूदा दौर में लोगों के लिए परेशानी का सबब बना है तो डीएम ने इस संकट से निजात दिलाने के लिए स्वयं ही मोर्चा संभाला हुआ है। गैस एजेंसियों के गोदामों का जायजा लेते हुए उन्होंने उपभोक्ताओं से सीधा संपर्क भी स्थापित किया है।
देवाल ब्लाॅक के सैन्य बाहुल्य सवाड़ गांव में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को मंजूरी मिलने के पश्चात डीएम गौरव कुमार ने केंद्रीय विद्यालय में पठन पाठन व्यवस्था की शुरूआत के लिए मोर्चा संभाल लिया है। इसके तहत उन्होंने स्वयं ही मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया और पठन पाठन व्यवस्था इसी सत्र से संचालित करने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने सैन्य बाहुल्य इलाके में केंद्रीय विद्यालय को संचालित करने का बीड़ा उठाया है तो जिला प्रशासन भी सरकारी मंशा के अनुरूप विद्यालय संचालित करने की दिशा में आगे आ गया है। माना जा रहा है कि इसी सत्र में डीएम के प्रयासों से इस विद्यालय में पठन पाठन व्यवस्था सुचारू हो जाएगी। सवाड के लोग लंबे अर्से से केंद्रीय विद्यालय की मांग कर रहे थे। अब जबकि क्षेत्रीय लोगों की मुराद पूरी हो गई है तो डीएम ने भी विद्यालय संचालन को कमर कश ली है। इसके परिणाम अब धरातल पर उतरते दिखाई देंगे।
इस तरह कहा जा सकता है कि उत्तराखंड की आर्थिकी का प्रमुख स्रोत मानी जाने वाली चारधाम यात्रा को लेकर चमोली का जिला प्रशासन जिस तरह सधे कदमों के साथ आगे बढ़ने लगा है। उससे निश्चित ही तीर्थयात्रियों की आमद बढ़ेगी अपितु पर्यटन आधारित कारोबारियों की आर्थिकी को भी बल मिलेगा।


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