भीमताल। ओखलकांडा विकासखण्ड के पतलोट में आयोजित जनता दरबार शिविर में बाघ के बढ़ते आतंक को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। पूर्व दर्जा राज्य मंत्री एवं प्रमुख राज्य आंदोलनकारी हरिश पनेरु ने ग्रामीणों के साथ उपजिलाधिकारी धारी को ज्ञापन सौंपते हुए भीमताल विधानसभा क्षेत्र में बाघ से निजात के लिए प्राइवेट शिकारी हायर कर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
हरिश पनेरु ने चेतावनी दी कि यदि बुधवार तक तल्ली दिनी देनी और किटौड़ा चमोली क्षेत्र में शिकारी तैनात नहीं किए गए, तो कालागर गलनी के पास महिलाओं के साथ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अप्रिय स्थिति की सम्पूर्ण जिम्मेदारी वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की होगी। वन्यजीवों के लगातार हमलों के चलते पूरे विधानसभा क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है, जिसे खत्म करने के लिए त्वरित और निर्णायक कदम जरूरी हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी धारी अंशुल भट्ट ने मौके पर ही फोन पर प्रभागीय वन अधिकारी और जिलाधिकारी नैनीताल को स्थिति से अवगत कराया तथा कल तक हर हाल में क्षेत्र में प्राइवेट शिकारी तैनात कराने के निर्देश दिए, ताकि आंदोलन की नौबत न आए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तल्ली दिनी देनी और किटौड़ा चमोली में वन विभाग, स्थानीय प्रशासन और क्षेत्रीय विधायक द्वारा त्वरित कार्रवाई के दावे खोखले साबित हुए हैं। इससे जनता का विश्वास वन विभाग और क्षेत्रीय विधायक से उठता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि घटनास्थल पर केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है।

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