कोटद्वार। कोटद्वार के नजीबाबाद रोड पर सोमवार को भागवत कथा के पहले दिन व्यास वेदाचार्य पं देवी प्रसाद भट्ट ने भागवत महापुराण के गहरे अर्थ और महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा जीवन का मार्गदर्शक और भक्ति का स्रोत है।
उन्होंने बताया कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह आत्मा के विकास और समाज में सद्भावना फैलाने का माध्यम है। पं भट्ट ने भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं और उनके उपदेशों के माध्यम से जीवन के मूल्यों की व्याख्या की, जिससे भक्तों को गहन आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हुआ।
कथा व्यास ने भागवत कथा के गहन अर्थ और महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कथा मनुष्य को आत्मज्ञान और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का वर्णन करते हुए बताया कि कथा का श्रवण करने से मन में शांति और सच्ची भक्ति का संचार होता है। भक्तों ने कथा के दौरान श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लिया, जिससे आयोजन का माहौल भक्तिमय बना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने कथा के प्रति गहरी रुचि दिखाई। आयोजकों ने कहा कि इस तरह की कथाएँ समाज में धार्मिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कथा का यह सिलसिला आने वाले छह दिनों में भी जारी रहेगा।साथ ही कथा में सुंदर भजनों की प्रस्तुति ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इससे पूर्व रविवार को शहर में व्यास स्वागत के साथ शोभायात्रा निकाली गई। इस मौके पर आचार्य दीपक ध्यानी, आचार्य कृष्णा गौदियाल,वृजेंद्र कुमार जुयाल, विजया जुयाल आदि मौजूद रहे।

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