भीमताल । क्षेत्र में बाघ का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। खुटियाखाल में गुरुवार को एक बार फिर बाघ ने 35 वर्षीय महिला को अपना शिकार बना लिया। इस हृदयविदारक घटना से पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने गहरा शोक व्यक्त किया और इसे शासन-प्रशासन की गंभीर विफलता बताया। उन्होंने कहा कि भीमताल विधानसभा क्षेत्र में लगभग हर तीसरे दिन बाघ ग्रामीणों को निशाना बना रहा है, लेकिन सरकार, सांसद और विधायक मौन हैं। लगातार घटनाएं हो रही हैं, जबकि जनप्रतिनिधि केवल दिखावटी कार्रवाई तक सीमित हैं।
शर्मा ने आरोप लगाया कि भीमताल विधायक हर घटना को एक इवेंट बनाकर इतिश्री कर लेते हैं और आपदा को अवसर में बदलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा और समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता पूरी तरह से गायब है। यदि विपरीत परिस्थितियों में अधिकारियों से बेहतर संवाद स्थापित कर तकनीकी कठिनाइयों को समझते हुए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाते, तो अब तक इस समस्या से क्षेत्र को राहत मिल सकती थी।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों के साथ लगातार अभद्र व्यवहार से उनका मनोबल टूटता है और वे अपनी व्यवहारिक कठिनाइयों को जनप्रतिनिधियों के सामने रखने में असहज हो जाते हैं, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन सिस्टम से काम लेने का कौशल भी जनप्रतिनिधियों में होना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी लगातार सरकार से बाघ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए व्यापक कार्ययोजना की मांग कर रही है, लेकिन बेहतर रणनीति और विशेषज्ञों की टीम के अभाव में एक गंभीर समस्या विकराल रूप ले चुकी है। उन्होंने आशंका जताई कि जिस तरह बाघ की गतिविधियां पूरे क्षेत्र में बनी हुई हैं, वह आने वाले समय में और बड़ी घटनाओं की ओर इशारा कर रही हैं।
शर्मा ने कहा कि क्षेत्रीय सांसद और विधायक को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि जो जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पा रहा है, उसे पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से दूरभाष पर वार्ता कर भीमताल विधानसभा को बाघ के आतंक से निजात दिलाने के लिए अधिकारियों को गंभीरता से निर्देशित करने का अनुरोध किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रपति को पत्र लिखकर उत्तराखंड में बाघ की गंभीर समस्या में हस्तक्षेप की मांग करेंगे।

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