भीमताल। नई शिक्षा नीति-2020 में वर्णित त्रिभाषा सूत्र के अंतर्गत संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार एवं समृद्धि के उद्देश्य से पीएम श्री एयूएसबीएसएम राजकीय इंटर कॉलेज पतलोट में पंचदिवसीय संस्कृत सम्भाषण शिविर का शुभारंभ किया गया। शिविर का आयोजन उत्तराखण्ड राज्य परियोजना कार्यालय देहरादून के आदेशानुसार तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) भीमताल के निर्देशन में किया जा रहा है।
शिविर का उद्घाटन ग्राम प्रधानपति मटेला केशव दत्त त्रिपाठी, प्रभारी प्रधानाचार्य सत्येन्द्र नाथ तिवारी, भद्रेठा प्रधान प्रतिनिधि लक्ष्मण मिटियाली, पीटीए अध्यक्षा मीना देवी एवं एसएमसी अध्यक्ष सोबन सिंह द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। शिविर में प्रतिदिन दो घंटे विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा की बारीकियों एवं व्यवहारिक प्रयोगों से अवगत कराया जाएगा।
शिविर संयोजक एवं कार्यक्रम संचालक डॉ. हेमन्त कुमार जोशी ने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 में संस्कृत को त्रिभाषा सूत्र के अंतर्गत विशेष स्थान दिया गया है। संस्कृत न केवल प्राचीनतम भाषा है, बल्कि यह एक वैज्ञानिक भाषा भी है, जिसमें वेद, वेदांत, ज्योतिष, दर्शन, गणित, खगोल एवं भूगोल जैसे विषय समाहित हैं। संस्कृत नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों की जननी है, इसी उद्देश्य से विद्यार्थियों में संस्कृत के प्रति रुचि विकसित करने हेतु ऐसे सम्भाषण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
गणित शिक्षक मदन मोहन बिष्ट ने कहा कि संस्कृत की समझ से गणित विषय की गहराई को समझने में सहायता मिलती है। शिविर के दौरान विद्यार्थियों को संचिका, लेखनी आदि प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की पूर्व छात्रा मंजू रुवाली को इतिहास विषय में नेट-जेआरएफ परीक्षा उत्तीर्ण करने पर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मदन मोहन बिष्ट, रमेश चन्द्र त्रिपाठी, निशा चन्याल, शेर सिंह बिष्ट, सतीश चन्द्र, यशवंत सहित अन्य शिक्षक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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