खनन चुगान में नैनीताल जिला बना रिकॉर्डधारी, गौला-नन्धौर-कोसी में टूटा कई वर्षों का आंकड़ा

भीमताल। जिले में खनन राजस्व, नदियों में खनन वाहनों की आवाजाही और उपखनिज चुगान के मामले में पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड टूट गए हैं। गौला, नन्धौर एवं कोसी नदियों में इस वर्ष जिला प्रशासन के प्रयास बेहद सफल रहे हैं, जिसकी पुष्टि बीते पांच वर्षों के आंकड़े स्वयं कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप पारदर्शी एवं नीतिगत खनन चुगान प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से शुरू किए जाने का ही परिणाम है कि जिले को यह उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है।
जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2022 से 31 जनवरी 2023 तक 6018 वाहन चक्करों से 4,14,345.42 टन उपखनिज निकाला गया।
अक्टूबर 2023 से 31 जनवरी 2024 तक 47,975 वाहन चक्करों से 51,41,445.48 टन उपखनिज की निकासी हुई।
अक्टूबर 2024 से 31 जनवरी 2025 तक 24,345 वाहन चक्करों से 23,57,708.76 टन उपखनिज निकाला गया। वहीं वर्तमान वर्ष में अक्टूबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक रिकॉर्ड तोड़ 2,22,664 वाहन चक्करों से 2,13,99,739.38 टन उपखनिज की निकासी की गई, जिससे सरकार को भारी राजस्व प्राप्त हुआ और गौला से जुड़े प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से वाहन स्वामियों, चालकों एवं मजदूरों को रोजगार मिला।
नन्धौर नदी में अक्टूबर 2022 से 31 जनवरी 2023 तक मात्र 50 वाहन चक्करों से 331.61 टन उपखनिज निकासी हुई थी।
अक्टूबर 2023 से 31 जनवरी 2024 तक 10,438 वाहन चक्करों से 99,784.71 टन उपखनिज निकाला गया।
अक्टूबर 2024 से 31 जनवरी 2025 तक कोई खनन कार्य नहीं हुआ।
जबकि वर्तमान वर्ष में जिला प्रशासन के प्रयासों से 26,824 वाहन चक्करों से 2,17,763.60 टन उपखनिज की रिकॉर्ड निकासी की गई, जिसके सापेक्ष राजस्व और रोजगार दोनों में वृद्धि हुई।

कोसी नदी ने भी तोड़े पुराने रिकॉर्ड :

कोसी नदी में अक्टूबर 2022 से 31 जनवरी 2023 तक 12,916 वाहन चक्करों से 1,58,754.55 टन उपखनिज निकासी हुई।
अक्टूबर 2023 से 31 जनवरी 2024 तक 13,122 वाहन चक्करों से 1,55,724.44 टन उपखनिज निकाला गया।
अक्टूबर 2024 से 31 जनवरी 2025 तक 822 वाहन चक्करों से 98,657.86 टन उपखनिज निकासी हुई।
वहीं वर्तमान वर्ष में अक्टूबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक रिकॉर्ड तोड़ 41,874 वाहन चक्करों से 5,01,997.05 टन उपखनिज निकासी दर्ज की गई।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में खनन चुगान में लगे मजदूरों को सुरक्षात्मक उपकरण, कंबल उपलब्ध कराए गए तथा पानी छिड़काव सहित सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की गईं। राज्य सरकार की पारदर्शी खनन नीति और समयबद्ध नीतिगत चुगान व्यवस्था के चलते ही जिले में इस वर्ष खनन क्षेत्र में सकारात्मक और ऐतिहासिक परिणाम सामने आए हैं।

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