भीमताल । राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रानीबाग में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ बहुउद्देशीय शिविर में सैकड़ों लोगों ने अपनी समस्याएं दर्ज कराईं। शिविर में दर्ज अधिकांश शिकायतों का विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
शिविर में प्रतिभाग करते हुए नैनीताल जिले के प्रभारी सचिव एवं सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास चन्द्रेश कुमार यादव ने आमजन से संवाद किया और छोटी-छोटी समस्याओं का तत्काल समाधान कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को समस्याओं के समाधान के बाद संबंधित शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने के भी निर्देश दिए।
प्रभारी सचिव चन्द्रेश कुमार यादव ने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से आम जनता को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण, दूरस्थ एवं वंचित वर्गों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है। उन्होंने स्वयं लोगों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर निस्तारण कराया।
शिविर में कुल 257 लोगों ने अपनी समस्याएं दर्ज कराईं, जिनमें से अधिकांश का समाधान मौके पर ही कर दिया गया। सैकड़ों लोगों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। प्रभारी सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में सरकार का उद्देश्य शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना और प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का समयबद्ध लाभ देना है।
शिविर में विद्युत, पेयजल, भूस्खलन, सोलर फेसिंग, शिक्षा, पेंशन, जंगली जानवरों से फसलों को नुकसान, बंदरों के आतंक एवं उनके द्वारा काटे जाने से संबंधित शिकायतें सामने आईं। क्षेत्रवासियों ने बताया कि बंदरों के हमले से उपचार पर होने वाले खर्च का कोई मुआवजा नहीं मिलता। इस पर वन विभाग के एसडीओ ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में बंदरों के काटने पर मुआवजे का प्रावधान नहीं है। प्रभारी सचिव ने आश्वस्त किया कि इस विषय पर शासन स्तर पर शीघ्र वार्ता कर समाधान निकाला जाएगा।
रानीबाग एवं आसपास के दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों ने झूलती विद्युत लाइनों से दुर्घटना की आशंका जताई। इस पर मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पाण्डे ने अधिशासी अभियंता को एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान करने और फीडबैक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
शिविर में आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण न होने की शिकायत भी सामने आई। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि 6 से 15 माह की अवधि में सभी गर्भवती महिलाएं आवश्यक अभिलेखों के साथ नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकरण कराएं, ताकि उन्हें सरकार की सभी सुविधाएं मिल सकें।
ग्राम उडवा के लोगों ने प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के लंबे समय से मेडिकल अवकाश पर होने और वैकल्पिक शिक्षक की तैनाती न होने की शिकायत की। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को मौके पर ही शिक्षक की तैनाती कराने के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों के दूरस्थ विद्यालयों को जिलास्तरीय अधिकारियों द्वारा गोद लिया जाएगा। प्रत्येक अधिकारी को एक विद्यालय आवंटित किया जाएगा तथा नियमित भ्रमण कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित किया जाएगा।
शिविर में पात्र लोगों को महालक्ष्मी किट वितरित की गई, वहीं दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, छड़ी एवं कमर बेल्ट प्रदान किए गए। 23 विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी एवं लाभ प्रदान किए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 131 लोगों की जांच कर दवाइयां वितरित की गईं। वृद्धा, दिव्यांग एवं विधवा पेंशन के 23 आवेदन फार्म वितरित किए गए। कृषि विभाग द्वारा बीज, दवाइयां एवं कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा बिजली व जल संस्थान के बिलों में संशोधन, राशन कार्ड ऑनलाइन तथा नवविवाहितों के विवाह पंजीकरण की सुविधा भी प्रदान की गई।
शिविर में दर्जा राज्यमंत्री शांति मेहरा, ब्लॉक प्रमुख भीमताल डा. हरीश बिष्ट, सचिन साह, कलावती थापा, उमेश पलड़िया, संजय साह, अपर जिलाधिकारी विवेक राय, डीडीओ गोपाल गिरी गोस्वामी सहित सभी विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

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