सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रेरक उद्बोधन से गूंजा विद्यालय परिसर
भीमताल। केन्द्रीय विद्यालय स्थापना दिवस के अवसर पर केन्द्रीय विद्यालय भीमताल के विद्यालय परिसर में भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केन्द्रीय विद्यालय संगठन की गौरवशाली परंपरा, शैक्षिक मूल्यों तथा राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका को रेखांकित करना रहा। समारोह में विद्यालय परिवार, अभिभावकों एवं गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के तिलक द्वारा स्वागत के साथ हुआ। इसके पश्चात दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण से वातावरण को पवित्र एवं प्रेरणादायी बनाया गया। अतिथि परिचय एवं स्वागत के क्रम में विद्यालय की प्राचार्या द्वारा प्रेरणादायी स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया, जिसमें केन्द्रीय विद्यालय संगठन की उपलब्धियों, शैक्षिक गुणवत्ता तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत ‘भारत का स्वर्णिम गौरव’ कुलगीत ने सभी को उत्साह से भर दिया। प्राथमिक विभाग (कक्षा-2) के नन्हे विद्यार्थियों की मनमोहक नृत्य प्रस्तुति ने दर्शकों का मन जीत लिया। इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा ‘वंदे मातरम्’ की सांकेतिक भाषा में प्रस्तुति ने समावेशी शिक्षा का संदेश दिया। बालक वर्ग (कक्षा-8) की कव्वाली तथा माध्यमिक विभाग की सशक्त नृत्य प्रस्तुति ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भूतपूर्व प्राचार्य, केन्द्रीय विद्यालय भीमताल ललित प्रसाद साह ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में केन्द्रीय विद्यालयों की शैक्षिक भूमिका, अनुशासन एवं मूल्यों पर आधारित शिक्षा की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को परिश्रम, संस्कार और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरण कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन प्राचार्या अंजू सिंह द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। अंत में राष्ट्रगान के साथ समारोह का विधिवत समापन किया गया।
स्थापना दिवस समारोह न केवल सांस्कृतिक एवं शैक्षिक दृष्टि से सफल रहा, बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना, आत्मविश्वास एवं सांस्कृतिक मूल्यों के विकास में भी महत्वपूर्ण साबित हुआ।

+ There are no comments
Add yours