भीमताल। उत्तराखंड बार काउंसिल चुनाव की तिथि आगे बढ़ाने और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने की मांग तेज हो गई है। अधिवक्ता नीरज साह ने बार काउंसिल की उच्च स्तरीय सक्षम समिति को सचिव विजय सिंह के माध्यम से भेजे गए पत्र में चुनाव तिथि में संशोधन सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित कराया है।
साह ने कहा कि राज्य के पर्वतीय जिलों में कड़ाके की ठंड, सड़क अवरोध और जनवरी महीने में न्यायालयों के अवकाश के कारण बड़ी संख्या में अधिवक्ता अपने कार्यस्थलों तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में 9 फरवरी को मतदान कराने से अधिवक्ताओं की सहभागिता में भारी कमी आ सकती है। उन्होंने कहा कि अधिकांश न्यायालय 31 जनवरी के बाद ही पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित हो पाएंगे, जबकि हाईकोर्ट में भी अवकाश रहेगा। इन परिस्थितियों में निर्धारित तिथि पर चुनाव कराना अधिवक्ताओं की जागरूकता और भागीदारी को प्रभावित करेगा।
उन्होंने समिति से आग्रह किया कि चुनाव उसी समय कराए जाएं जब सभी न्यायालय और बार एसोसिएशन पूर्ण क्षमता से कार्यरत हों, ताकि वास्तविक जनमत प्रतिबिंबित हो सके। साह ने मतदाता सूची से जुड़ी भ्रमित करने वाली घोषणाओं पर भी आपत्ति जताते हुए स्पष्ट सार्वजनिक नोटिस जारी करने की मांग की। साथ ही, एआईबीई परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे पंजीकृत अधिवक्ताओं को भी मतदान का अधिकार देने की बात रखते हुए कहा कि बार काउंसिल पूरे राज्य के अधिवक्ताओं का प्रतिनिधित्व करती है, इसलिए चुनाव सहभागितामूलक हों, न कि परिस्थितिजन्य।
साह ने निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए समिति से संवेदनशील निर्णय लेने की अपील की है।

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