धारी ब्लॉक के ग्रामीणों में बढ़ते बाघ मूवमेंट से दहशत, मनोज शर्मा ने उठाई सुरक्षा कड़ी करने की मांग

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भीमताल । धारी ब्लॉक के विभिन्न गांवों में इन दिनों एक बार फिर बाघ की आवाजाही (मूवमेंट) बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। भीमताल विधानसभा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने कहा कि क्षेत्र के अलग-अलग गांवों से लोगों द्वारा लगातार बाघ के मूवमेंट की जानकारी दी जा रही है, जिससे स्पष्ट है कि बाघ का आतंक तेजी से बढ़ रहा है।
मनोज शर्मा ने बताया कि विगत दिनों एक शादी समारोह से रात के समय लौटते हुए उन्हें स्वयं मुख्य मार्ग पर कई स्थानों पर विशालकाय बाघ दिखाई दिए। दूरस्थ दुदुली, अमदो सहित कई गांवों में बाघ आंगन में बंधे पालतू जानवरों पर हमला कर चुका है और कई मवेशियों को शिकार भी बना चुका है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते बाघ के मूवमेंट पर नियंत्रण नहीं हुआ तो विगत वर्षों की भांति इस बार भी बाघ जनहानि कर सकता है।
उन्होंने कहा कि अघरिया गांव में भी कई दिनों से बाघ की लगातार आवाजाही बनी हुई है। अधिकांश बाघ मूवमेंट उन्हीं क्षेत्रों में देखा जा रहा है, जहां पिछले वर्षों ‘आदमखोर’ बाघ ने कई लोगों को अपना शिकार बनाया था, जिसके कारण लंबे समय तक क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना रहा।
शर्मा ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बाघों की संख्या लगातार बढ़ने से वे कभी भी आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं, जो बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है। उन्होंने शासन-प्रशासन और वन विभाग से मांग की कि दूरस्थ व पहाड़ी क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाई जाए, जंगल से सटे आबादी क्षेत्रों में रात के समय दृश्यता बढ़ाने के लिए झाड़ियां व घना आवरण हटाया जाए, गधेरों व अंधेरे वाले इलाकों में तत्काल सोलर लाइट लगाई जाए तथा हर गांव में विभागीय कर्मियों को मुस्तैद रखा जाए।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने विभागीय उच्चाधिकारियों से दूरभाष पर तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। साथ ही मांग की कि संवेदनशील (सेंसिटिव) जोन को चिह्नित कर वहां पिंजरे लगाए जाएं और पिंजरे लगाने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
शर्मा ने चेतावनी दी कि क्षेत्र की स्थिति के बारे में विभागीय जिम्मेदारों को समय रहते अवगत करा दिया गया है। इसके बाद भी यदि कोई अप्रिय घटना घटती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार, शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग पर होगी।




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