भीमताल । ग्रामसभा धैना में बाघ के हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गांव में आज फिर बाघ ने हमला कर मानसिंह की दो बकरियों को मार डाला। इससे पहले भी गणेश नेगी की तीन बकरियां बाघ द्वारा मारी जा चुकी हैं, जबकि जगत सिंह चिलवाल पर हमला कर बाघ उन्हें घायल कर चुका है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार घटनाओं के बावजूद वन विभाग की ओर से न तो अब तक क्षेत्र में पिंजरा लगाया गया है और न ही पीड़ित परिवारों को कोई मुआवजा दिया गया है। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग दो वर्ष पूर्व ग्रामसभा धैना एवं ग्रामसभा कुकना में बाघ के हमले में दो महिलाओं की मौत हो चुकी है। उस समय वन विभाग द्वारा जंगल के समीप स्थित सभी घरों को चिन्हित कर सोलर लाइट लगाने की बात कही गई थी, लेकिन आज तक यह व्यवस्था नहीं हो पाई।
ग्रामीणों ने वन विभाग पर “आंख बंद कर सोए रहने” का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा, गांव में पिंजरा लगाने व सोलर लाइट की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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