बाल यौन शोषण की रोकथाम को लेकर पदमपुरी में जागरूकता, छात्रों को बताए कानूनी अधिकार

भीमताल । “बाल यौन शोषण, दुर्व्यवहार और हिंसा की रोकथाम और उपचार के लिए विश्व दिवस” के अवसर पर धारी ब्लॉक के संत सोमवारी महाराज राजकीय इंटर कॉलेज, पदमपुरी में मंगलवार को विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर माननीय उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देश एवं जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल श्री हरीश कुमार गोयल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
शिविर में सिविल जज (सी०डि०) / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल श्रीमती पारुल थपलियाल ने मुख्य वक्ता के रूप में छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय के अध्यापकों द्वारा सचिव का स्वागत-अभिवादन किया गया।
पारुल थपलियाल ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि यह अधिनियम 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों, चाहे वे लड़के हों या लड़कियाँ, को यौन शोषण, यौन उत्पीड़न और अश्लीलता से कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने बालकों के विरुद्ध लैंगिक अपराधों के प्रकारों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रवेशन लैंगिक हमला, गुरुतर प्रवेशन लैंगिक हमला तथा लैंगिक हमला इसमें सम्मिलित हैं।

सचिव ने कहा कि बलात्कार, अश्लील हरकतें, अनुचित स्पर्श, मोबाइल/टीवी पर अश्लील सामग्री दिखाना तथा अश्लील बातें करना जैसे कृत्य इस अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय अपराध हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित बच्चों को नि:शुल्क विधिक सहायता, परामर्श और न्याय दिलाने की व्यवस्था जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उपलब्ध है।
शिविर में नशा उन्मूलन से संबंधित एनडीपीएस एक्ट की प्रमुख धाराओं की जानकारी भी छात्रों को दी गई। उन्हें बताया गया कि नशे की लत न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि यह परिवार और समाज के लिए भी गंभीर समस्या का कारण बनती है। नशा करने, रखने, बेचने या तस्करी से जुड़े मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान है।
कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, जागरूकता शिविरों तथा अन्य जनहितकारी गतिविधियों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि जरूरतमंद लोग इन सेवाओं का लाभ उठा सकें।

शिविर प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए छात्रों से अपील की कि वे इन योजनाओं के बारे में अपने अभिभावकों एवं ग्रामीणों को भी जागरूक करें।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य यशवंत कुमार, समस्त अध्यापक- अध्यापिकाएँ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें छात्रों के बाल अधिकार, सुरक्षा तथा कानूनी प्रावधानों से जुड़े प्रश्नों के उत्तर दिए गए।

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