कांग्रेस नेताओं ने उठाए सवाल — कहा, संवैधानिक व्यवस्था को ठेंगा दिखा रही सरकार
भीमताल । विधानसभा भीमताल से वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज शर्मा और कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष भुवन सिंह दर्मवाल ने प्रदेश में पंचायतों के रिक्त पदों को अब तक न भरे जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। दोनों नेताओं ने कहा कि पंचायत चुनाव संपन्न हुए इतना समय बीत जाने के बाद भी सरकार द्वारा रिक्त पदों पर नियुक्तियां न करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति गंभीर उदासीनता को दर्शाता है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने कहा कि “एक देश – एक चुनाव” का नारा देने वाली मोदी सरकार प्रदेश की पंचायती व्यवस्था को ही अधर में छोड़ चुकी है। अधिकांश ग्राम पंचायतों का गठन न हो पाना एक बड़ा संवैधानिक संकट है। उन्होंने कहा कि पंचायतों के गठन में देरी के कारण जनता के विकास कार्य ठप पड़े हैं, प्रशासनिक कार्यवाही रुकी हुई है और जनप्रतिनिधि स्वयं को असहाय महसूस कर रहे हैं। मनोज शर्मा ने प्रश्न उठाया कि जिन पंचायतों का गठन अभी तक नहीं हुआ है, उनके कार्यकाल में समानता कैसे लाई जाएगी। क्या उन्हें केवल चार या साढ़े चार वर्ष का कार्यकाल मिलेगा? उन्होंने सरकार से मांग की कि तत्काल पंचायतों के रिक्त पदों को भरा जाए ताकि जनता को संवैधानिक संकट में न फंसना पड़े। वहीं, कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष भुवन सिंह दर्मवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान की आत्मा को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सत्ता के संरक्षण में गुंडागर्दी कर लोकतांत्रिक मूल्यों को तार-तार किया गया। भुवन दर्मवाल ने कहा कि पंचायतों के रिक्त पदों को न भरना लोकतंत्र की बुनियादी इकाई पर हमला है। जनता छोटे-छोटे कार्यों के लिए भटक रही है और सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह परंपरा भाजपा शासन में ही देखने को मिल रही है, जहां जनता की आवाज़ उठाने के लिए आंदोलन करना ही एकमात्र रास्ता बन गया है।
दोनों नेताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता के साथ खड़ी है और सरकार की संवैधानिक लापरवाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।

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