एमटीबी मालदेवता 2025 : प्रतिस्पर्धा और इंस्पिरेशन का मेला

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देहरादून – मालदेवता की वादियों में दो दिवसीय एमटीबी मालदेवता 2025 साइक्लिंग रेस का रोमांच चरम पर रहा। करीब 300 राइडर्स ने अलग-अलग श्रेणियों में अपनी प्रतिभा और दमखम का प्रदर्शन किया। शानदार प्रतिस्पर्धा, दर्शकों का उत्साह और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को यादगार बना दिया।

सुबह की शुरुवात जुम्बा से हुई, जहाँ सभी प्रतिभागियों ने ऊर्जा से वार्मअप किया। इसके बाद 6:30-7 बजे के बीच अलग-अलग श्रेणियों के प्रतिभागियों को रवाना किया गया। रेस का सबसे कठिन हिस्सा था – 3 से 5 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई। ढलान भी आसान नहीं थी, संकरे रास्ते और तेज मोड़ों ने सभी साइकिलिस्टों की तकनीक और संतुलन की कड़ी परीक्षा ली।

मुख्य अतिथि विधायक उमेश शर्मा (रायपुर) ने बच्चों का हौसला बढ़ाया और उन्हें मेहनत जारी रखने की प्रेरणा दी। वहीं आचार्य अरुण तेजस्वी (अध्यक्ष, नारायणी सेना, सहारनपुर) ने कहा – “अगर आज आप जीत नहीं पाए हैं, तो हिम्मत न हारें, अगली बार प्रयास करें, सफलता जरूर मिलेगी।” ग्राम प्रधान जयदीप, ब्लॉक प्रमुख सोबन सिंह और किसान सिंह नेगी ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

आयोजक नीरज भंडारी ने कहा – एमटीबी मालदेवता का मकसद सिर्फ प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि साइक्लिंग को जीवनशैली के रूप में स्थापित करना और युवाओं को नया मंच देना है।

श्रेणीवार विजेता सूची

अंडर-14 (U-14)
1st – भावेश मेहरा
2nd – स्वस्तिक शर्मा
3rd – शौर्य रावत

एलीट (Elite)
1st – शिवेन
2nd – रोनल
3rd – आयुष नेगी

अंडर-16 (U-16)
1st – आशीष शुक्ला
2nd – पुनीत ठाकुर
3rd – ईशांत अधिकारी

सीनियर (Senior)
1st – अक्षय
2nd – कुलविंदर ओजला
3rd – धवल पाठक

अंडर-18 (U-18)
1st – आशीष रौथान
2nd – प्रज्ज्वल
3rd – मयंक

मास्टर्स (Masters)
1st – अनिल गुरंग
2nd – अरुण कुमार
3rd – सोहन रावत

अंडर-23 (U-23)
1st – सार्थक बिष्ट
2nd – शिवेश
3rd – हिमांशु डबराल

महिला U-45 (Women U-45)
1st – स्टार नार्ज़ी
2nd – अवनी दरियाल
3rd – पवित्रा

डाउनहिल श्रेणी
1st – आयुष बिष्ट
2nd – सूरज
3rd – अंशुल रौथाण

समापन समारोह ने बांधा माहौल

प्रतियोगिता के समापन पर सुन्द्रियाल ब्रदर्स की ढोल-दमाऊं प्रस्तुति ने पूरे माहौल को जोश से भर दिया। दर्शक और प्रतिभागी सभी पारंपरिक धुनों पर थिरकते नजर आए। गायक नवीन ध्यानी के गीतों ने आयोजन की चमक और बढ़ा दी।

विजेताओं को मंच पर सम्मानित किया गया और पारंपरिक पहाड़ी टोपी पहनाकर अभिनंदन किया गया।

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