भीमताल । विश्व पर्यटन दिवस पर जिला पर्यटन विभाग नैनीताल की ओर से “टूरिज्म एंड सस्टेनेबल ट्रांसफॉर्मेशन” थीम के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। टांकी बैंड से पंगोट स्थित ब्रह्मस्थली मंदिर तक ट्रैकिंग का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय शहीद सैनिक राजकीय पॉलिटेक्निक के एनसीसी कैडेटों समेत 80 से अधिक युवाओं ने भाग लिया।
नेचर गाइड नरेश रावत ने ट्रैकिंग के दौरान प्रतिभागियों को प्रकृति संरक्षण और पर्वतीय पर्यावरण के महत्व से अवगत कराया। वहीं बर्ड वॉचर पुरन जोशी ने नैना देवी बर्ड सेंचुरी में पाए जाने वाले दुर्लभ पक्षियों की प्रजातियों के बारे में जानकारी दी। ब्रह्मस्थली मंदिर के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए नरेश रावत ने बताया कि इस मंदिर की स्थापना 12वीं शताब्दी में हुई थी। नागर शैली में निर्मित यह मंदिर स्थानीय रूप से “बाधान बू बू” के नाम से भी जाना जाता है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी अतुल भंडारी ने बताया कि प्रतिवर्ष विश्व पर्यटन दिवस पर ट्रैकिंग कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस वर्ष टांकी बैंड से ब्रह्मस्थली मंदिर तक ट्रैकिंग कराई गई, जिसमें लगभग 80 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में अतुल भंडारी, कमल सिंह मेहरा, दीपक मर्तोलिया, शैलू साह, एडीपीआरओ असलम, नरेश रावत, पुरन जोशी, संजीव आर्य, जगजीवन, मो. गफ्फार, पी.सी. मनराल, दाया, कंचन सहानी, करन वर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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