भीमताल । माननीय उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशानुसार एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जिला न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल के निर्देशन में आज जिला मुख्यालय स्थित नेन्सी कॉन्वेंट स्कूल एवं नेन्सी नर्सिंग कॉलेज में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सिविल जज (सी०डि०) एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल पारुल थपलियाल ने दीप प्रज्वलन कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हिन्दी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और सभ्यता का जीवंत प्रतिबिंब है। 14 सितम्बर 1949 को संविधान सभा ने हिन्दी को राजकीय भाषा का दर्जा दिया था, तभी से यह दिन हिन्दी गौरव का प्रतीक बन गया है। उन्होंने सभी से हिन्दी के सम्मान और इसके प्रचार-प्रसार के लिए संकल्प लेने का आह्वान किया।
शिविर में सचिव द्वारा नशा उन्मूलन, साइबर अपराध और पॉस्को अपराध से संबंधित महत्वपूर्ण विधिक जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने “राष्ट्रीय जीवन में हिन्दी का महत्व”, “एकता के लिए हिन्दी” और “हिन्दी के माध्यम से विधिक जागरूकता” विषयों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में प्राविधिक स्वयंसेवक उमा भंडारी ने हिन्दी दिवस व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की गतिविधियों पर जानकारी साझा की, वहीं रिटेनर अधिवक्ता तारा आर्या ने नालसा टोल फ्री नंबर 15100 के बारे में बताया। अंतिम सत्र में सिविल जज (सी०डि०) पारुल थपलियाल ने प्रतियोगिता और कविता पाठ के प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए। कार्यक्रम में यशवंत कुमार, अंबिका, विद्यालय की प्रधानाचार्य सहित शिक्षक-शिक्षिकाएँ भी उपस्थित रहे।

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