भीमताल-नौकुचियाताल में जलभराव और मलबे की समस्या गहराई

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पूरन बृजवासी ने जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की

भीमताल : खूबसूरत पर्यटन स्थलों भीमताल और नौकुचियाताल में हर साल बरसात के मौसम में जलभराव और मलबे की समस्या विकराल होती जा रही है। स्थानीय सड़कों, गलियों और चौराहों पर जलभराव और मलबा जहां आमजन के लिए परेशानी बना हुआ है, वहीं यह स्थिति अब पर्यटन उद्योग की छवि को भी प्रभावित कर रही है। सामाजिक कार्यकर्ता पूरन बृजवासी ने बताया कि क्षेत्र के नौ वार्डों में ड्रेनेज सिस्टम की स्थिति बेहद दयनीय है। नालियों की कमी और समय पर सफाई न होने से बारिश का पानी सड़कों पर भर जाता है। इससे डामर उखड़ रहा है और जगह-जगह रेत व कीचड़ जमा हो रही है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
पूरन बृजवासी वर्ष 2016-17 से इस मुद्दे को लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, नगर पालिका, सिडकुल और जिला प्रशासन के समक्ष लगातार उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दर्जनों पत्राचार और मांगपत्र सौंपने के बावजूद धरातल पर कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
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प्रशासन की अनदेखी से जनता परेशान

बृजवासी ने बताया कि सिडकुल, ब्लॉक रोड, कुआंताल समेत कई इलाकों में जल निकासी की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है। विभागों की आपसी तालमेल की कमी और केवल अस्थायी उपायों पर निर्भरता के चलते समस्या हर साल विकराल होती जा रही है।
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वहीं शनिवार को जिलाधिकारी वंदना सिंह ने इस समस्या का संज्ञान लेते हुए नगर पालिका, सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम गठित कर दी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी संवेदनशील स्थानों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर कार्य शुरू किया जाए ताकि जनता और पर्यटकों को राहत मिल सके। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विभाग आपसी समन्वय से स्थायी समाधान सुनिश्चित करें।




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