डीपीआर संशोधित कर बढ़ाई गई योजना की लागत
केंद्र व राज्य सरकार के सहयोग से तेजी से हो रहा काम
भीमताल : नैनीताल शहर के बलियानाला क्षेत्र में दशकों से जारी भू-स्खलन की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार ने युद्धस्तर पर कार्य शुरू कर दिया है। बुधवार को सांसद और पूर्व केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने बलियानाला में चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और कार्य की प्रगति पर संतोष जताया। सांसद भट्ट ने सेक्शन-A में स्थित विभिन्न बेंच (El 1880, El 1866, El 1852) पर जाकर चल रहे कार्यों का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता संजय शुक्ला ने उन्हें परियोजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत माइक्रोपाइल, ग्राउटिंग, शॉटक्रिट और स्ट्रेंथनिंग जैसे अत्याधुनिक तकनीकों से कार्य किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में गठित हाई पावर कमेटी की संस्तुतियों के आधार पर बलियानाला परियोजना को दीर्घकालिक समाधान के रूप में विकसित किया जा रहा है। वर्ष 2023 में इस योजना को 177.91 करोड़ रुपये की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति मिली थी, जिसे भूगर्भीय स्थितियों को देखते हुए संशोधित कर 298.93 करोड़ रुपये कर दिया गया। जनवरी 2024 में कार्य शुरू होने के बाद डीपीआर को आईआईटी रुड़की की मदद से सुदृढ़ किया गया। निरीक्षण के दौरान सांसद ने बलियानाला क्षेत्र में रह रहे 90 परिवारों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए उनके शीघ्र पुनर्वास के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने जीआईसी नैनीताल को अन्यत्र स्थानांतरित करने की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया। सांसद ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की संवेदनशीलता से ही यह महत्वपूर्ण परियोजना मूर्त रूप ले रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आगामी वर्षा ऋतु में जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी नवाजिश खलिक, सांसद प्रतिनिधि गोपाल रावत, मंडल अध्यक्ष नितिन कार्की सहित सिंचाई विभाग और भाजपा के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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