वित्त आयोग की नैनीताल में उद्योग और पर्यटन प्रतिनिधियों संग बैठक

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उठीं विशेष पैकेज और सब्सिडी की मांगें

भीमताल : भारत के 16वें वित्त आयोग ने बुधवार को नैनीताल के नमः होटल में उत्तराखंड के पर्यटन, उद्योग और व्यापार संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ अहम परामर्श बैठक आयोजित की। आयोग अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्य की अर्थव्यवस्था, पर्यटन की चुनौतियों और औद्योगिक विकास को गति देने संबंधी सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में आयोग की सदस्य एनी जॉर्ज मैथ्यू, मनोज पांडा, सौम्या कांति घोष, सचिव ऋत्विक पांडे, संयुक्त सचिव केके मिश्रा और संयुक्त निदेशक पी. अमरूथावर्षिनी भी मौजूद रहे। राज्य की ओर से सचिव वित्त दिलीप जावलकर, सचिव पर्यटन सचिन कुरुवे, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी वंदना सिंह, सीडीओ अनामिका, अपर सचिव सोनिका और हिमांशु खुराना समेत तमाम अधिकारी शामिल हुए। होटल एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के वेद प्रकाश साह ने मसूरी, नैनीताल और अन्य पर्यटक स्थलों पर बढ़ते दबाव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने इन शहरों को स्मार्ट और सतत हिल स्टेशन के रूप में विकसित करने की मांग की। इसमें वर्षा जल संचयन, कचरा प्रबंधन, पर्यावरण-अनुकूल परिवहन और पार्किंग जैसी सुविधाओं को शामिल करने की सिफारिश की गई। नैनीताल होटल एसोसिएशन के दिग्विजय सिंह बिष्ट ने सड़कों को दो लेन में विस्तारित करने और रेल व हवाई संपर्क बढ़ाने की मांग रखी। उन्होंने झीलों और प्राकृतिक स्थलों के संरक्षण के लिए विशेष बजट का भी प्रस्ताव दिया।
एस्ट्रो-टूरिज्म से जुड़े राम आशीष राय ने भूतिया गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों को ‘डार्क नाइट ज़ोन’ के रूप में संरक्षित करने का सुझाव दिया। ट्रेक द हिमालयास के राकेश पंत ने पारंपरिक धार्मिक ट्रेकिंग रूटों के पुनरुद्धार की मांग की। वहीं, सचिन त्यागी ने वैलनेस टूरिज्म के लिए स्किल डेवेलपमेंट एकेडमी बनाने की बात रखी।
इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के पंकज गुप्ता ने ब्लॉक स्तर पर स्किल इंस्टीट्यूट, आपदा बीमा कोष और लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना जैसे सुझाव दिए। कुमाऊं-गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अशोक बंसल ने औद्योगीकरण की उच्च लागत का मुद्दा उठाते हुए 5000 करोड़ रुपये के विशेष औद्योगिक फंड की मांग की।प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के नवीन वर्मा ने हिमालयी नदियों के जलस्तर में गिरावट का हवाला देते हुए संरक्षण व शोध कार्यों के लिए विशेष आर्थिक सहायता की मांग की। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में काम कर रहे व्यापारियों को परिवहन सब्सिडी और आपदा राहत पैकेज दिए जाने का सुझाव दिया।
वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने सभी प्रतिभागियों को सुझाव देने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी महत्वपूर्ण सुझावों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आयोग अपनी रिपोर्ट 31 अक्तूबर 2025 तक सौंपेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट तैयार की जाएगी।बैठक का संचालन महानिदेशक उद्योग प्रतीक जैन और अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद ने किया।




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