देहरादून। श्री गुरू राम राय दरबार साहिब, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल और अधिकारियों को ब्लैकमेल कर पैसा ऐंठने के प्रयास के आरोपों से घिरे अमित तोमर को कोर्ट से करारा झटका लगा है। कोर्ट ने अमित तोमर के आपत्तिजनक और अशोभनीय पोस्ट पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। उधर, श्री दरबार साहिब के व्यवस्थापक मधुसुदन सेमवाल ने अमित तोमर पर 25 करोड़ की मानहानि का दावा ठोक दिया है।

अमित तोमर पर आरोप है कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर पिछले कुछ समय से श्री दरबार साहिब, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल और अधिकारियों को ब्लैकमेल कर रहा है। वह मनगढंत और अफवाह फैलाकर रुपए ऐंठना चाह रहा था। पूर्व में उसके द्वारा मातावाला बाग में पेड काटने का आरोग लगाया गया था, जिसे वन विभाग ने जांच के बाद खारिज कर दिया। अब वह श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल पर आरोप लगाने लगा है।
कोर्ट ने तुरंत मामले का संज्ञान लेकर अमित तोमर के किसी भी तरह की पोस्ट पर रोक लगा दी है। साथ ही उन पर श्री गुरु राम राय दरबार साहिब की समस्त संस्थाओं में जाने पर भी रोक लगा दी है।

उधर, श्री दरबार साहिब प्रबन्धन ने अमित तोमर पर मानहानि का कैस दर्ज कर 25 करोड़ का दावा ठोक दिया है। श्री दरबार साहिब प्रबन्धन का कहना है कि का ब्लैकमेलिंग का इतिहास रहा है। वह लोगों को डरा-धमकाकर और अनाप-शनाप आरोप लगाकर लोगों से पैसे ऐंठता है।
उधर, विश्वस्त्र सूत्रों के अनुसार आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने के कारण अमित तोमर का वकालत का लाइसेंस भी रद्द हो सकता है।


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