ग्रामीण-पर्वतीय विद्यालयों की वास्तविकताओं को नजरअंदाज करने का निर्णय अस्वीकार्य, बोले संगठन
भीमताल : उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संगठन, जनपद नैनीताल ने हाल ही में जारी किए गए सेल्फ चेक फीचर के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज कराने के आदेश का कड़ा विरोध किया है। शैक्षणिक विभाग पहले से Swift Chat ऐप के जरिए उपस्थिति दर्ज करवा रहा है, लेकिन अब अतिरिक्त Self Check प्रणाली से रोजाना उपस्थिति अनिवार्य करने का आदेश जारी करते हुए शिक्षक समुदाय ने इस निर्णय को अत्यधिक तकनीकी दबाव और असुविधाजनक बताया है।
संगठन के अनुसार राज्य के अधिकांश प्राथमिक विद्यालय ग्रामीण, दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित हैं जहाँ अभी भी नेटवर्क कनेक्टिविटी की गंभीर समस्या बनी हुई है। साथ ही, शिक्षकों को न तो विभाग द्वारा स्मार्टफोन दी गई है, न ही इंटरनेट डेटा रिचार्ज एवं नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराई गई है। संगठन ने जोर देकर कहा कि यदि Self Check के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने का आदेश लागू किया जाना है तो हर शिक्षक को विभागीय व्यय पर उपयुक्त संसाधन मुहैया कराना अनिवार्य होगा।
संगठन के जिलाध्यक्ष मनोज तिवारी, जिलामंत्री बंशीधर कांडपाल और कोषाध्यक्ष नवीन चंद्र ने विभाग से आदेश को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने एवं शिक्षक हित में उचित व्यवस्था करने की मांग की है।
अन्यथा, संगठन ने स्पष्ट किया है कि वे इस आदेश के खिलाफ आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे और इसे शिक्षकों पर अनावश्यक तकनीकी दबाव मानेंगे।
संगठन का यह तंजह शिक्षण समुदाय की वास्तविक समस्याओं की ओर ध्यान दिलाने का प्रयास है, ताकि तकनीकी नवाचारों को अपनाने में उचित संसाधनों की पूर्ति सुनिश्चित हो सके।

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